श्रीनगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में संसद हमले के दोषी अफजल की फांसी की माफी के प्रस्ताव पर चर्चा को हरी झंडी मिल गई है। इसका फैसला शनिवार सुबह 11 बजे सचिवालय में निकाले गए लॉटरी ड्रॉ से तय हुआ है। विधानसभा की नियमावली के नियम 26 व 28 के अनुरूप विधानसभा में तैनात सफाईकर्मियों ने संबंधित प्रस्तावों की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के आधार पर सात प्रस्तावों का चयन हुआ। 26 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलने वाले सत्र में अफजल के प्रस्ताव पर 28 सितंबर को चर्चा होगी। कुल 21 प्रस्तावों में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के अलावा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, भाजपा, पैंथर्स पार्टी का एक-एक और निर्दलीय विधायकों के दो प्रस्ताव आगामी सत्र की कार्यवाही में लाए जाएंगे। अलबत्ता, माकपा का एक भी प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ है। राज्य विधानसभा सचिव मुहम्मद रमजान ने दैनिक जागरण को बताया कि लंगेट के निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद का अफजल की फांसी की सजा माफी का प्रस्ताव विधानसभा में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष मुहम्मद अकबर लोन द्वारा गुलाम कश्मीर के प्रस्ताव पर चर्चा की मंजूरी नहीं देने से भाजपा को करारा झटका लगा है। भाजपा ने गुलाम कश्मीर को पाक के कब्जे से मुक्त कराकर दोबारा राज्य का हिस्सा बनाने और इसके लिए केंद्र पर दबाव बनाने के प्रस्ताव पर विधानसभा सत्र में चर्चा की मांग की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के इस प्रस्ताव को विधानसभा की नियमावली के नियम 179 के तहत खारिज कर दिया है। यह प्रस्ताव भाजपा विधायक अशोक खजूरिया ने 9 सितंबर को दाखिल किया था। खजूरिया ने बताया कि उन्हें इस संदर्भ में विधानसभा सचिवालय से लिखित सूचना मिली है
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