Thursday, September 8, 2011

अफजल पर खर्च रकम का कोई रिकॉर्ड नहींनई दिल्ली,


संसद पर 2001 में हुए हमले के दोषी और मौत की सजा पाने वाले अफजल गुरु की हिफाजत में कितनी रकम खर्च हुई, इसका ब्यौरा तिहाड़ जेल के अधिकारियों के पास नहीं है। जेल अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट आरटीआइ आवेदनकर्ता ने फैसले के खिलाफ अपीली अभिकरण में याचिका दायर की है। सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगे गए एक प्रश्न के जवाब में जेल अधिकारियों ने यह सूचना दी है। अधिकारियों ने आवेदनकर्ता को बताया कि किसी भी कैदी के ऊपर खर्च होनेवाली इस तरह की राशि का ब्यौरा नहीं रखा जाता है। तिहाड़ जेल के जेल महानिदेशक कार्यालय के सार्वजनिक सूचना अधिकारी ने आवेदन के जवाब में कहा कि किसी भी कैदी की सुरक्षा, सलामती और खाने-पीने के ऊपर खर्च होनेवाली राशि का ब्यौरा नहीं रखा गया है। एक गैर सरकारी संगठन अहमदाबाद स्थित नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज ने यह आवेदन दाखिल किया था और पूछा था कि सरकार ने अफजल गुरु की सुरक्षा और उसके खाने-पीने पर अभी तक कितना पैसा खर्च किया है। दूसरी ओर एनजीओ के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने इस जवाब को अविश्वसनीय बताया है और इसके खिलाफ जेल महानिदेशक कार्यालय की प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के सामने अपील की है। कुमार ने दावा किया है कि हर जेल में हाई-प्रोफाइल कैदियों के खर्चों का ब्यौरा रखा जाता है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया है जिनमें कहा गया था कि महाराष्ट्र सरकार, मुंबई हमलों के दोषी अजमल कसाब की सुरक्षा और खाने-पीने पर होने वाले खर्चे का ब्योरा रख रही है। मुकेश के मुताबिक इस तरह के हाईप्रोफाइल कैदी जैसे अफजल गुरु विशेष कक्ष में रखे जाते हैं और उनके ऊपर होने वाले हर तरह के खर्चे का ब्यौरा जेल अधिकारियों द्वारा रखा जाता है।



No comments:

Post a Comment