मुंबई व दिल्ली के ताजा विस्फोट का भले ही कोई यूपी कनेक्शन नहीं मिल रहा है, लेकिन आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) सूबे में आतंकियों के निशान ढूंढ़ रहा है। बडे़ पैमाने पर पूछताछ की जा रही है। संदिग्ध ठिकानों पर तलाश हो रही है और पहले की घटनाओं में वांछित अभियुक्तों को भी ढूंढ़ा जा रहा है। इंडियन मुजाहिदीन के मॉल उड़ाने के धमकी भरे मेल ने एटीएस की सक्रियता को और बढ़ा दिया है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में शुक्रवार को भी संदिग्ध युवाओं को एटीएस ने पकड़ा और पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सूत्र बताते हैं प्रदेश को चार हिस्सों में बांटकर एटीएस की टीमें काम कर रही हैं और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) से मिल रहे हर फीडबैक का फालोअप कर रही हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था बृजलाल ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि फिलहाल दिल्ली बम ब्लास्ट का कोई कनेक्शन नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर टीमें सक्रिय हैं। बीते वर्ष वाराणसी के गंगा घाट पर हुए विस्फोट के बाबत उन्होंने कहा मामले के राजफाश की कोशिश की जा रही है, उम्मीद है कि शीघ्र ही यह मामला खुल जाएगा। उधर, मेरठ में जांच एजेंसियों द्वारा जारी स्केच से मिलता जुलता एक चेहरा शुक्रवार को पकड़ा गया। जीरो माइल के पास पहले लोगों ने संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा और बाद में शक होने पर पुलिस उसे लालकुर्ती थाने ले आई। देर रात तक खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ में जुटी थीं। दिल्ली विस्फोट की जांच कर रही एनआइए को भी इस बाबत जानकारी दे दी गई है।
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