Thursday, September 8, 2011

दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर आतंकी हमला, 11 की मौत, 70 से अधिक घायल


नई दिल्ली देश की राजधानी बुधवार को आतंकी हमले से दहल उठी। दहशतगर्दो की कारस्तानी ने न्याय की चौखट पर आए 11 लोगों को मौत की नींद सुला दिया। संसद से सिर्फ डेढ़ किमी दूर स्थित दिल्ली हाई कोर्ट के सामने सुबह एक जबर्दस्त धमाका हुआ। जिसमें 11 लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए। मरने वालों में अधिकतर मुवक्किल थे। धमाका सुबह सवा दस बजे के करीब गेट नंबर 5 पर स्वागत कक्ष के ठीक बाहर हुआ जहां करीब 200 लोग प्रवेश के लिए 6 कतारों में खड़े थे। अदालत में बुधवार को जनहित याचिका का दिन था और इस दिन आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है। कहना गलत न होगा कि खुफिया तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता, गृह मंत्रालय के दावे और तरह-तरह के अलर्ट हाई कोर्ट के सामने खून में सने नजर आ रहे थे। गृहमंत्री पी चिदंबरम ने विस्फोट स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। धमाके के तत्काल बाद गृह मंत्रालय ने पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी की अगुआई में नेशनल इंटेलीजेंस एजेंसी (एनआइए) की 20 सदस्यीय टीम जांच पर लगा दी है। गुजरात फोरेंसिक टीम बुलाई गई। हालांकि धमाके के बाद तेज बारिश ने एजेंसियों की कोशिशों को धो दिया। पुलिस के मुताबिक बम ब्रीफकेस में रखा गया था। धमाके में करीब दो किलो अमोनियम नाइट्रेट व पीईटीएन का इस्तेमाल हुआ है। लंदन धमाकों में इस्तेमाल हो चुका पीईटीएन पानी में विस्फोट कर सकता है। विस्फोट स्थल पर दो फुट गहरा गढ्डा हो गया और पूरे इलाके में खून व क्षत-विक्षत अंग बिखर गए। दिल्ली हाईकोर्ट पर तीन माह में यह दूसरा आतंकी हमला है, 25 मई को हुआ वह बम धमाका गेट नंबर 7 पर हुआ था। आतंकी संगठन हरकत-उल-जेहादी ने ई-मेल भेजकर धमाके की जिम्मेदारी ली है और संसद पर हमले आरोपी अफजल गुरु को रिहा करने की मांग करते हुए आगे भी हमलों की चेतावनी दी है। ई-मेल की जांच शुरू कर दी गई है। वैसे जांच एजेंसियों की निगाह में यह संगठन नया या फर्जी है। भारत में इससे मिलते-जुलते नाम वाला संगठन हुजी-हरकतुल जेहाद ए इस्लामी अर्से से सक्रिय है। दिल्ली पुलिस ने दो आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। एक की उम्र 26 साल और दूसरे की 50 साल बताई जा रही है। हालांकि पिछले पांच महीने में दिल्ली में दो और मुंबई में एक विस्फोटों की जांच में एजेंसियां अंधेरे में हाथ पैर मा रही हैं। बांग्लादेश दौरे से लौटे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सीधे राममनोहर लोहिया अस्पताल गए और घायलों का हाल चाल लिया। हाई कोर्ट पर यह विस्फोट संसद की बैठक शुरू होने के ठीक पहले हुआ। नाराज विपक्ष ने सरकार को घेरा। गृह मंत्री ने सदन में बयान दिया कि दिल्ली पुलिस को मजबूत करने के उपायों और अलर्ट के बावजूद धमाके हुए हैं। संसद ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई और आतंक की निंदा की। दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों ने मृतकों के परिजनों को क्रमश: 4-4 और 2-2 लाख तथा घायलों को एक-एक लाख मुआवजे की घोषणा की है।


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