Wednesday, September 7, 2011

भारत पर हमले को आतंकियों की भर्ती में फिर जुटा मसूद अजहरइस्लामाबाद


भारत का दुश्मन नंबर एक आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर फिर पाकिस्तान में सक्रिय हो गया है। पाकिस्तानी अखबार द न्यूज के अनुसार, वह भारत पर हमला करने के लिए आतंकियों की भर्ती के अभियान में जोरशोर से जुटा हुआ है। अखबार ने बुधवार को जैश ए मुहम्मद के संस्थापक अजहर की गतिविधियों की बाबत विस्तार से खबर प्रकाशित की है। मसूद अजहर ऑफ जैश बैक इन बिजनेस शीर्षक से प्रकाशित खबर में द न्यूज ने दावा किया है कि अप्रैल, 2009 में पाकिस्तान में गायब हो गया मसूद अजहर फिर अपने गढ़ बहावलपुर लौट आया है और शहर के मॉडल टाउन स्थित जैश के मुख्यालय से जिहादी गतिविधियां धड़ल्ले से संचालित कर रहा है। 2008 में मुंबई पर आतंकी हमले के बाद उसे भारत को सौंपे जाने के लिए पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बना था। उसी आशंका के चलते अजहर बहावलपुर से लापता हो गया और अशांत कबायली क्षेत्र दक्षिणी वजीरिस्तान में कहीं छिप गया था। जब भारत ने मसूद के प्रत्यर्पण के लिए दबाव बढ़ाया तो पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने अप्रैल, 2009 में कहा कि मसूद अजहर पाकिस्तान में नहीं है। ध्यान रहे कि मौलाना मसूद अजहर वही आतंकवादी है, जिसे भारत ने एयर इंडिया के अगवा विमान आइसी 814 के यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के बदले दिसंबर, 1999 में जम्मू जेल से ले जाकर कंधार (अफगानिस्तान) में रिहा किया था। भारतीय विमान का अपहरण अजहर के भाई इब्राहिम अतहर की अगुवाई में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने किया था। उसके साथ दो अन्य आतंकवादियों को भी रिहा किया गया था। रिहाई के बाद अफगानिस्तान की तत्कालीन तालिबान सरकार ने उसे पाकिस्तान जाने दिया, जहां उसने फरवरी, 2000 में जैश ए मुहम्मद की स्थापना की। मसूद पर 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हमले की साजिश रचने का भी आरोप है। इस हमले को जैश और लश्कर के आतंकियों ने अंजाम दिया था। जम्मू-कश्मीर विधान सभा पर अक्टूबर, 2001 में हुए हमले में भी अजहर का हाथ बताया जा रहा है। द न्यूज के अनुसार, मौलाना मसूद अजहर के बहावलपुर लौट आने के बाद जैश के मुख्यालय उस्मान ओ अली में चहल-पहल बढ़ गई है।

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