नई दिल्ली बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट के विजिटर्स पास काउंटर गेट नंबर पांच के पास हुए बम धमाके की जांच से जुड़े दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि आतंकी की योजना हाई कोर्ट के अंदर ब्लास्ट करने की रही होगी। किंतु पोटा केबिन में उपस्थित पुलिस कर्मियों की मौजूदगी, उनके द्वारा हर व्यक्ति की तलाशी लेते देखने व सामानों का स्केनिंग कर जांच करते देखने पर वह ब्रीफकेस लेकर अंदर नहीं घुस पाया। हाई कोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिकजांच से यही पता चला है कि उजले रंग का कुर्ता पहनकर आने वाले व्यक्ति ने ही गेट नंबर पांच के पास ब्रीफकेस रखा था। वह व्यक्ति छह फुट से अधिक लंबा था। कद काठी का मजबूत था और बाल आर्मी कट के रखे हुए थे। सुबह सवा दस बजे के करीब जिस समय छह पंक्तियों में लोग पास बनवाने के लिए खड़े थे, वह पीछे से लाइन तोड़ते हुए लोगों के बीच से निकलते हुए आगे की तरफ आ गया था। पंक्ति में खड़े लोग जब तक उससे कुछ कहते आगे पुलिस कर्मियों को देख उसे एहसास हो गया था कि पुलिसकर्मी उसे बगैर पंक्ति के रोक देंगे। वह तुरंत पीछे आ गया और पंक्ति के अंतिम छोड़ पर जाकर किनारे में फुटपाथ के पत्थर पर ब्रीफकेस रख दिया। ब्रीफकेस रखने के बाद वह वहां से तुरंत खिसक लिया था। उसके पहनावे व अलग रंगरूप देखकर कई लोगों की नजर उसकी तरफ चली गई थी। ब्रीफकेस लावारिश छोड़ देने पर पंक्ति में खड़े महेंद्र त्यागी की नजर जब उस पर पड़ी तो उसे भी संदेह हो गया था। उस समय वह पीछे की तरफ था और पंक्ति में लगने की कोशिश ही कर रहा था। वह कुर्ता पहने व्यक्ति को कुछ बोलना भी चाह रहा था। नजर मिलने से इसका एहसास उस व्यक्ति को हो गया था। पकड़े जाने के डर से वह तेजी से सड़क की तरफ बढ़ गया था। पुलिस अधिकारी का अनुमान है कि उसने ही रिमोट या मोबाइल के जरिए ब्लास्ट कराया है। सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि ब्रीफकेस रखने के बाद वह व्यक्ति मुश्किल से 25-30 फीट आगे निकला था। तभी ब्रीफकेस फट गया। आशंका जताई जा रही है कि दौड़ लगाकर भागने के दौरान उसने रिमोट या मोबाइल से ब्लास्ट कराया। पुलिस को बम में टाइमर भी लगे होने पर शक है। किंतु धमका इतना तेज था कि टाइमर संबंधी कोई सबूत नहीं मिला है। धमाके में महेंद्र त्यागी (बुराड़ी) भी मामूली रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिल्ली पुलिस इसी के आधार पर अब जल्द तीसरा स्केच जारी करने की तैयारी कर रही है क्योंकि जांच एजेंसी एनआइए को अभी इस संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस अभी महेंद्र त्यागी को ही एक मात्र चश्मदीद मान रही है। वैसे ब्लास्ट में घायल हुए सभी लोगों से स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच ने विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। घायलों से यह जानने की कोशिश की जा रही है ह िउन्होंने किसी को ब्रीफकेस रखते देखा था अथवा नहीं। अगर देखा था तो वह व्यक्ति कैसा था। पुलिस का मानना है कि अगर कई लोगों के बयान एक जैसे मिलान कर जाएंगे तो उसे पुख्ता मान सही स्केच जारी किए जा सकेंगे
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