नई दिल्ली पंद्रह साल पहले लाजपत नगर मार्केट में किए गए धमाकों के मामले में सजा पाए आरोपियों की तरफ से हाई कोर्ट में दायर अपील पर मंगलवार से अंतिम जिरह शुरू हो गई। बुधवार को भी जिरह जारी रहेगी। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट और न्यायमूर्ति जीपी मित्तल की अदालत में सरकारी वकील पवन शर्मा ने एक आरोपी जावेद अहमद खान के बयान को आधार बनाते हुए कहा कि सभी आरोपियों को ठीक सजा दी गई है और अभियोजन पक्ष अपना आरोप साबित करने में कामयाब रहा है। पवन शर्मा ने कहा कि जावेद को अहमदाबाद के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे एक ब्लास्ट के मामले में जयपुर लाया गया। वहां मजिस्ट्रेट के सामने उसने स्वीकार किया था कि उन्होंने लाजपत नगर ब्लास्ट किया है। इसी बयान को निचली अदालत ने भी फैसले का आधार बनाया है। इतना ही नहीं ब्लास्ट के प्रयोग की गई कार निजामुद्दीन से चोरी की गई थी और आरोपी घटना से दो दिन पूर्व भी लाजपत नगर मार्केट में ब्लास्ट के इरादे से गए थे, परंतु कामयाब नहीं हो पाए। फांसी की सजा पाए तीनों आरोपियों को एक दुकानदार ने पहचाना था और बताया था कि यही दो दिन पहले गाड़ी खड़ी करने आए थे। इतना ही नहीं जिन फोन नंबरों से मीडिया को फोन करके ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली गई थी, वे फोन आरोपी फारूक अहमद खान व फरीदा डार प्रयोग कर रहे थे। इसी के जरिए इस मामले का खुलासा हुआ था
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