Tuesday, September 13, 2011

पूर्व आतंकियों के दो करीबियों से पूछताछ

 दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में हुए विस्फोट के बाद पांच दिन बाद भी जांचकर्ता कोई सफलता हासिल करने के लिए संघर्षरत हैं। समर्पण कर चुके आतंकवादियों के दो करीबी लोगों को इस मामले में सोमवार को जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ से हिरासत में लिया गया। विस्फोट की जिम्मेदारी लेता एक ईमेल आतंकवादी संगठन हूजी द्वारा ही कथित तौर पर किश्तवाड़ से भेजा गया था। इस मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। सादिक अहमद और आबिद हुसैन को दो पूर्व आतंकवादियों इरशाद अहमद और फारूक अहमद का करीबी माना जाता है। इन दोनों पूर्व आतंकवादियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। जांचकर्ता जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ से भेजे गए ईमेल की जांच कर रहे हैं और उनका मानना है कि पिछले सप्ताह भेजे गए शेष तीनों ईमेल फर्जी थे, जिनमें आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली गई थी। इसमें एक ईमेल कथित तौर पर इंडियन मुजाहिदीन ने भेजा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जम्मू में बताया, आत्मसमर्पण कर चुके आतंकवादियों के दो करीबियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। देखते हैं कि हमें उनसे क्या जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि कथित रूप से हूजी द्वारा ई-मेल किश्तवाड़ से ही भेजा गया था और इसकी पुष्टि हो चुकी है। बगैर सूचना हिरासत में न लेने का अनुरोध श्रीनगर, जागरण ब्यूरो : राज्य पुलिस ने दिल्ली बम धमाके के बाद देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से आग्रह किया है कि वह जम्मू कश्मीर के किसी भी नागरिक को बिना उनकी जानकारी के हिरासत में न लें। राज्य पुलिस मुख्यालय में तैनात एक उच्चाधिकारी ने कहा कि इस आशय का लिखित आग्रह सोमवार को ही किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विस्फोट के बाद से कई जगह से जम्मू कश्मीर के लोगों को संबंधित पुलिस व एजेंसियों द्वारा पूछताछ किए जाने की जानकारी मिली है। कई जगह तो पुलिस ने कुछ लोगों को महज शक के नाम पर हिरासत में भी लिया है। इससे जम्मू कश्मीर के लोग राज्य से बाहर खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों के परिजनों ने हमसे यहां संपर्क किया है कि उनके संबंधियों को फलां राज्य में पुलिस ने पकड़ लिया है। इसलिए हमने विभिन्न राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें जम्मू कश्मीर के किसी भी नागरिक पर कोई संदेह है तो वह पहले उसके बारे में जानकारी लें। इसके बाद ही उसे पूछताछ के लिए तलब करें। पूछताछ के विरोध में बंद किश्तवाड़ : दिल्ली हाईकोर्ट के गेट के बाहर हुए बम विस्फोट के बाद किश्तवाड़ के एक साइबर कैफे से भेजे गए ईमेल के सिलसिले में यहां के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर की जा रही पूछताछ पर नाराजगी जताते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर बेकसूर युवकों को हिरासत में लिया गया तो वे सड़कों पर उतर आएंगे। इस सिलसिले में कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की। उनका आरोप था कि दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद ईमेल करने वाले का अभी तक पता न चल पाना पुलिस की नाकामी है

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