नई दिल्ली रतन लाल की मौत के साथ ही सात सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुए बम धमाके में मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। मॉडल टाउन में रहने वाले रतन लाल (64) ने शनिवार सुबह करीब आठ बजे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दम तोड़ दिया। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दस दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ते हुए आखिर शनिवार को वह जिंदगी से हार गए। दस दिन तक अस्पताल में रहे रतन लाल के शरीर में लगातार संक्रमण फैल रहा था जिसके कारण उन्होंने शनिवार को दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही मॉडल टाउन के महेंद्रू एंक्लेव स्थित सी-38 गली नंबर-तीन में मातम फैल गया। कपड़े के कमीशन एजेंट रतनलाल सराफ पिछले कुछ माह से महेंद्रू एंक्लेव में परिवार सहित रहते थे। उनकी पत्नी दीपा, तीन पुत्रियां सुमन, संगीता और रचना हैं। तीनों शादीशुदा हैं। 22 वर्षीय पुत्र दीपक कुरूक्षेत्र विश्र्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन फाइनल इयर में बीटेक कर रहा है। शनिवार दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर जैसे ही उनके शव को उनके निवास स्थान पर लाया गया पूरी गली में मातम छा गया। पड़ोसियों को विश्र्वास ही नहीं हो रहा था कि हरदम खुशमिजाज और हंसमुख रतनलाल अब उनके बीच नहीं रहे
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