महज तीन महीने के भीतर ही सरकार की नाक के नीचे दिल्ली हाइ कोर्ट के सामने दूसरे बम धमाके में 11 लोगों की मौत का जवाब कांग्रेस के भी पास नहीं है। सरकार अपनी है लिहाजा वह खुफिया एजेंसियों की विफलता पर भी खुद कुछ नहीं कहना चाहती। यही वजह है कि उसने इस सवाल को गृह मंत्रालय की तरफ टाल दिया है। खुफिया एजेंसियों की नाकामी के सवाल पर पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा,इसका जवाब गृह मंत्रालय से पूछिए। केंद्र की सारी कोशिशों के बाद भी देश में बम विस्फोट की घटनाओं पर काबू न पाने को लेकर बुधवार को कांग्रेस भी असहाय नजर आई। दिल्ली हाइ कोर्ट की घटना पर राशिद अल्वी ने कहा, खुदा से दुआ करता हूं कि भविष्य में फिर ऐसी घटनाएं न हों। पत्रकारों ने पूछा कि देश में एक के एक ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कब तक ऐसे चलेगा? उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की कोशिशें जारी हैं। जरूरत पड़ी तो सरकार और भी कदम उठाएगी। यह पूछने पर कि हाइ कोर्ट के गेट पर सीसीटीवी तक नहीं लगे हैं। क्या बम विस्फोट की घटना खुफिया एजेंसियों की नाकामी नहीं है? अल्वी ने कहा कि इसका जवाब गृह मंत्रालय से पूछिए। उन्होंने कहा कि मुल्क को अस्थिर करने वाली ताकतों व इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है।
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