एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी से जुड़ी सूचनाएं एकत्रित करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए की मदद करने वाले डॉक्टर शकील अफरीदी की रिहाई के लिए व्हाइट हाउस से डाले जा रहे जबरदस्त दबाव के बाद भी पाकिस्तान उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है। शकील अफरीदी ने अलकायदा सरगना की टोह लेने के लिए एबटाबाद में पोलियो उन्मूलन अभियान था। सीआइए की रणनीति के मुताबिक ऐसा करके वह अल कायदा सरगना के परिवार के किसी सदस्य के डीएनए का नमूना हासिल करना चाहती थी। दो मई को अमेरिकी विशेष बलों के अभियान में सर्वाधिक वांछित आतंकवादी के मारे जाने के महीनों पहले से अफरीदी को विशेष कार्य पर लगाया गया था। पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत सीआइए ने यह पुष्टि करने के लिए की थी कि बिन लादेन एबटाबाद परिसर में छिपा हुआ है या नहीं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने डॉ. अफरीदी की रिहाई के लिए 28 जुलाई को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को फोन किया था। पाकिस्तान टुडे ने पाकिस्तानी राजनयिक के हवाले से कहा कि राष्ट्रपति जरदारी ने अमेरिका के आग्रह को खारिज कर दिया है। जरदारी ने कहा कि मामला न्यायिक आयोग के समक्ष है जो एबटाबाद में बिन लादेन की उपस्थिति और मारे जाने की घटनाओं की जांच कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि जरदारी ने क्लिंटन को बताया, मामला न्यायालय में है और सिर्फ एबटाबाद आयोग ही अफरीदी के भविष्य पर निर्णय करेगा। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि हिरासत में लिए गए डॉक्टर को एबटाबाद आयोग पूछताछ के लिए बुला सकता है।
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