नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर धमाके के घायलों से मिलने बुधवार दोपहर राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को पीडि़तों के परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। घायलों और उनके परिजनों के बीच करीब बीस मिनट बिताने के बाद अस्पताल से लौट रहे राहुल के खिलाफ कुछ घायलों के रिश्तेदारों ने फिर से जमकर नारेबाजी की। इस दौरान राहुल गांधी शर्म करो, राहुल गांधी वापस जाओ जैसे नारे लगाए गए। देर शाम अस्पताल पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पीडि़तों के परिजनों ने कहा कि यह कब तक चलेगा। कांग्रेस महासचिव दोपहर करीब दो बजकर 50 मिनट पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। राहुल को देखते ही गेट पर मौजूद परिजन भड़क गए। परिजनों ने विस्फोट के लिए कांग्रेस बहुमत वाली केंद्र सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और साफ कहा कि उनका सांत्वना उन्हें नहीं चाहिए। बावजूद इसके राहुल गांधी अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में गए और वहां जख्मी पड़े गुरमेल सिंह (48) व हर्ष रावत (41) से बातचीत की। राहुल ने अस्पताल प्रशासन और वहां के डॉक्टरों से धमाके में घायल हुए लोगों के बारे में जानकारी हासिल की और कुछ समय बिताने के बाद वापस लौट गए। उधर, देर शाम राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे गुलाम नबी आजाद को विस्फोट में मारे गए लोगों के लोगों के परिजनों ने घेर लिया। उनका कहना था कि अस्पताल प्रशासन दस घंटे बीतने के बाद भी शवों को परिजनों के हवाले करने में बेवजह देरी कर रहा है। आजाद ने परिजनों को यह कह कर समझाने की कोशिश की कि किसी को भी ऐसी आपात स्थिति की उम्मीद नहीं थी और अस्पताल के लोग अपनी तरफ से बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।
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