Thursday, September 15, 2011

भारत के लिए इंडियन मुजाहिदीन बड़ा खतरा बनकर उभरा

मेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में ही सिर उठा रहा इस्लामी आतंकवाद भारत के लिए नया खतरा बन गया है। हालांकि नई दिल्ली इसे खुलेतौर स्वीकार करने में हिचकिचा रही है। सीआरएस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में इस तरह का प्रमुख संगठन इंडियन मुजाहिदीन है। इसमें कहा गया कि नई दिल्ली की इस तथ्य को खुले रूप से स्वीकार करने में अच्चि्छा के बावजूद भारत को भी अपने देश में पैदा इस्लामी आतंकवाद से खतरा है। सीआरएस ने कहा कि इंडियन मुजाहिदीन के बारे में बड़े तौर पर माना जाता है कि यह स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) का नया रूप है और यह संगठन हाल में हुए कई विस्फोटों लिप्त पाया गया है जबकि सरकारी नेता इन घटनाओं के लिए लगातार पाकिस्तान को उकसाने वाला करार दे रहे हैं। रिपोर्ट में इंडियन मुजाहिदीन द्वारा कई धमाके किए जाने का जिक्र है। लेकिन धमाकों की जिम्मेदारी लेने के विश्वसनीय दावे नहीं मिले और भारतीय अधिकारियों ने संदिग्ध के तौर पर किसी विशेष विदेशी या घरेलू संगठन का नाम लेने से परहेज किया लेकिन ऐसा लगता है कि इस तरह के सुनियोजित विस्फोटों के लिए खास प्रशिक्षण की जरूरत रही होगी। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरूआती संकेत ये हैं कि हमलावर पाकिस्तान स्थित संगठन के नहीं बल्कि भारत में ही स्थित हैं, शायद आइएम से जुड़े हैं। कुछ भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि आइएम के शीर्ष संचालक ज्यादातर सिमी से आए हैं और उन्हें पाकिस्तान में स्थित शिविरों में प्रशिक्षण मिलता है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2008 में स्वीकार किया था कि आतंकवादी हमलों में स्थानीय तत्वों के शामिल होने से देश में ही पैदा आतंकवाद की समस्या में नया आयाम जुड़ गया है। सीआरएस ने कहा कि सिमी को अंतरराष्ट्रीय जेहादी आंदोलन के साथ जोड़कर देखा जा सकता है और यह संगठन अलकायदा के लक्ष्यों को अपनी मंजूरी देता है तथा इसके पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा, हरकत उल जेहादी इस्लामी जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से संपर्क हैं। इसमें कहा गया कि भारतीय मुस्लिम समुदाय लगातार सामाजिक भेदभाव का शिकार होता है और संभावना है कि इस समुदाय के कुछ सदस्य सिमी या आइएम में शामिल होने को लेकर संवेदनशील हों। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2008 में ही आतंकी घटनाओं में देसी तत्व होने की बात स्वीकार की थी। इसने देश में आतंकवाद की समस्या की ओर नया इशारा किया था

No comments:

Post a Comment