Thursday, September 8, 2011

मुंबई धमाकों में अब भी हाथ मल रही पुलिसमुंबई, ओमप्रकाश तिवारी


करीब दो माह पहले मुंबई में हुए तीन आतंकी धमाकों की जांच में पुलिस को अब तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। जबकि, मुंबई पुलिस की शेखी के कारण ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने इन धमाकों की जांच से खुद को अलग कर लिया था। मुंबई में गत 13 जुलाई की शाम को तीन भीड़भाड़ वाली जगहों पर आतंकी धमाकों को अंजाम दिया गया था। इन धमाकों में दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए इन धमाकों के तुरंत बाद महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी थी। धमाकों के कुछ ही घंटों के अंदर दिल्ली से एनआइए की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई थी। तब सरकार की ओर से दावा किया गया था कि जल्दी ही पुलिस विस्फोट के साजिशकर्ताओं तक पहुंच जाएगी। लेकिन, विस्फोट के 55 दिन बीतने के बावजूद पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी है। जांच के दौरान मुंबई पुलिस और एटीएस के अतिआत्मविश्वास के कारण ही एनआइए के साथ उसकी अनबन भी सामने आ गई थी। जिसके बाद एनआइए की टीम दिल्ली लौट गई थी। शुरुआती जांच के दौरान एनआइए और मंुबई पुलिस की 12 टीमें बनाई गई थीं, जिन्होंने देश के कई हिस्सों में जाकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की थी। मुंबई में ऐसे ही संदिग्धों से पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत भी हो गई थी। इसके बाद आरोपों से घिरी पुलिस ने अपने हाथ-पांव और ढीले कर दिए। पुलिस ने कुछ सीसीटीवी कैमरों की मदद से एक संदिग्ध का रेखाचित्र भी तैयार किया था। इसका भी उसे कोई फायदा नहीं मिल सका है।


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