संवादसेतु-आतंकवाद
Saturday, May 3, 2014
Wednesday, October 30, 2013
वाराणसी, मुंबई और बोधगया में खुद बम प्लांट किए थे तहसीन ने
पंकज त्यागी, नई दिल्लीः पटना
सीरियल बम ब्लास्ट केस में वॉन्टेड तहसीन अख्तर उर्फ मोनू ने वाराणसी और
मुंबई में खुद बम प्लांट कर सीरियल बम धमाके कराए थे। रिमांड पर यासीन ने
पुलिस को बताया है कि तहसीन अख्तर भाग कर नेपाल में जा सकता है। यासीन भटकल
की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में बैठे इंडियन मुजाहिदीन के सरगनाओं ने
भारत में की जाने वाले आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी तहसीन अख्तर को दी थी।
नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल बम धमाकों के केस की जांच कर रही एनआईए की टीम को गिरफ्तार मुलजिम इम्तियाज अंसारी ने कई अहम जानकारियां दी हैं। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इम्तियाज अंसारी ने बताया कि 7 दिसंबर 2010 को वाराणसी में हुए सीरियल बम धमाकों में बम प्लांट करने तहसीन गया था। उसने शीतला घाट पर बम प्लांट किया था। उस दौरान एक विदेशी टूरिस्ट वहां वीडियो बना रहा था। पुलिस को उस वीडियो में एक युवक बैग लेकर घाट पर जाते हुए और खाली हाथ वापस आते हुए नजर आया था, लेकिन तब उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। अगस्त में यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद तहसीन के बारे में जानकारी मिली तो एनआईए ने उस वीडियो को फिर से चेक किया था।
एनआईए के अफसरों के मुताबिक, 'उस फुटेज में नजर आ रहा युवक तहसीन अख्तर ही है। वाराणसी में बम प्लांट करने के दौरान वह यासीन भटकल की सरपरस्ती में था।' इम्तियाज अंसारी ने एनआईए को यह भी बताया है कि तहसीन ने 13 जुलाई 2011 को मुंबई में झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए सीरियल बम धमाकों में भी बम प्लांट किया था। इम्तियाज के मुताबिक, तहसीन अख्तर को यासीन भटकल उर्फ अहमद सिद्दीबापा ने मुंबई में बुलाया था। इसके बाद तहसीन ने इस साल सात जुलाई को बोधगया के महाबोधि मंदिर में बम धमाके किए
इम्तियाज का बयान है कि बोधगया में भी बम प्लांट करने तहसीन गया था। एनआईए को यह जानकारी भी मिली है कि नरेंद्र मोदी की रैली में भगदड़ मचाकर सैकडों लोगों की जानें लेने की साजिश तैयार करने के बाद अपने ग्रुप के साथ तहसीन भी पटना आया था। बम धमाके होने के बाद वह फरार हो गया था। उसके साथ उसका सबसे भरोसेमेंद साथी वकास भी भागने में कामयाब रहा था। दूसरी ओर, बम में टाइमर फिट करने के दौरान हुए धमाके में साथी की मौत के बाद भाग रहे इम्तियाज को पुलिस ने दबोच लिया था। तहसीन पर एनआईए ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को यासीन भटकल से तहसीन अख्तर के बारे में पूछताछ की। यासीन ने पुलिस को बताया कि तहसीन अख्तर भाग कर नेपाल में जा सकता है। तहसीन नेपाल में यासीन के ठिकानों के बारे में जानता था। एनआईए इस मामले में नेपाल की पुलिस से सहयोग ले सकती है। एनआईए ने नेपाल पुलिस के सहयोग से ही यासीन भटकल को गिरफ्तार किया था।
NBT 31-10-2013 E News
नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल बम धमाकों के केस की जांच कर रही एनआईए की टीम को गिरफ्तार मुलजिम इम्तियाज अंसारी ने कई अहम जानकारियां दी हैं। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इम्तियाज अंसारी ने बताया कि 7 दिसंबर 2010 को वाराणसी में हुए सीरियल बम धमाकों में बम प्लांट करने तहसीन गया था। उसने शीतला घाट पर बम प्लांट किया था। उस दौरान एक विदेशी टूरिस्ट वहां वीडियो बना रहा था। पुलिस को उस वीडियो में एक युवक बैग लेकर घाट पर जाते हुए और खाली हाथ वापस आते हुए नजर आया था, लेकिन तब उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। अगस्त में यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद तहसीन के बारे में जानकारी मिली तो एनआईए ने उस वीडियो को फिर से चेक किया था।
एनआईए के अफसरों के मुताबिक, 'उस फुटेज में नजर आ रहा युवक तहसीन अख्तर ही है। वाराणसी में बम प्लांट करने के दौरान वह यासीन भटकल की सरपरस्ती में था।' इम्तियाज अंसारी ने एनआईए को यह भी बताया है कि तहसीन ने 13 जुलाई 2011 को मुंबई में झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए सीरियल बम धमाकों में भी बम प्लांट किया था। इम्तियाज के मुताबिक, तहसीन अख्तर को यासीन भटकल उर्फ अहमद सिद्दीबापा ने मुंबई में बुलाया था। इसके बाद तहसीन ने इस साल सात जुलाई को बोधगया के महाबोधि मंदिर में बम धमाके किए
इम्तियाज का बयान है कि बोधगया में भी बम प्लांट करने तहसीन गया था। एनआईए को यह जानकारी भी मिली है कि नरेंद्र मोदी की रैली में भगदड़ मचाकर सैकडों लोगों की जानें लेने की साजिश तैयार करने के बाद अपने ग्रुप के साथ तहसीन भी पटना आया था। बम धमाके होने के बाद वह फरार हो गया था। उसके साथ उसका सबसे भरोसेमेंद साथी वकास भी भागने में कामयाब रहा था। दूसरी ओर, बम में टाइमर फिट करने के दौरान हुए धमाके में साथी की मौत के बाद भाग रहे इम्तियाज को पुलिस ने दबोच लिया था। तहसीन पर एनआईए ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को यासीन भटकल से तहसीन अख्तर के बारे में पूछताछ की। यासीन ने पुलिस को बताया कि तहसीन अख्तर भाग कर नेपाल में जा सकता है। तहसीन नेपाल में यासीन के ठिकानों के बारे में जानता था। एनआईए इस मामले में नेपाल की पुलिस से सहयोग ले सकती है। एनआईए ने नेपाल पुलिस के सहयोग से ही यासीन भटकल को गिरफ्तार किया था।
NBT 31-10-2013 E News
भारतीय सीमा में फिर से प्रवेश कर चुका है खुंखार आतंकी डॉ.शाहनवाज!
नई दिल्ली: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की समस्या बढऩे वाली है और उन्हें अब एक और बड़े आतंकवादी डॉ. शाहनवाज की भी खोज करनी पड़ेगी। आतंक विरोधी दस्ता (एटीएस) के सूत्रों के मुताबिक मोनू के कार्यों को अपने हाथों में लेने के लिए डॉ. शाहनवाज भारत में प्रवेश कर चुका है।
शाहनवाज इंडियन मुजाहिदीन का एक बड़ा आतंकी है, जो सितंबर 2008 के आतंकी घटना के बाद से फरार है। इसे आईईडी का एक्स्पर्ट माना जाता है। साथ ही इसे सिमी और आईएम के बीच एक लिंक भी माना जाता है। शाहनवाज फर्जी पासपोर्ट के सहारे भारत से नेपाल भाग गया था। नेपाल भागने के बाद शाहनवाज वहां से शारजाह चला गया था। इस पर भारत में आईएम के लिए आतंकियों की भर्ती की जिम्मेदारी भी रही है। पटना सीरियल ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
Panjab keshri , 30-10-2013 Aatankvad
शाहनवाज इंडियन मुजाहिदीन का एक बड़ा आतंकी है, जो सितंबर 2008 के आतंकी घटना के बाद से फरार है। इसे आईईडी का एक्स्पर्ट माना जाता है। साथ ही इसे सिमी और आईएम के बीच एक लिंक भी माना जाता है। शाहनवाज फर्जी पासपोर्ट के सहारे भारत से नेपाल भाग गया था। नेपाल भागने के बाद शाहनवाज वहां से शारजाह चला गया था। इस पर भारत में आईएम के लिए आतंकियों की भर्ती की जिम्मेदारी भी रही है। पटना सीरियल ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
Panjab keshri , 30-10-2013 Aatankvad
Thursday, January 31, 2013
उप्र में आतंकवाद की आड़ में बंद मुस्लिमों की रिहाई जल्द
ठ्ठजागरण ब्यूरो, लखनऊ उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी ने चुनाव
घोषणा पत्र में स्पष्ट तौर यह वादा किया था कि दहशतगर्दी के खिलाफ कार्रवाई
की आड़ में प्रदेश के जिन बेकसूर मुस्लिमों नौजवानों को जेलों में डाला
गया है उन्हें रिहा कराया जाएगा। साथ ही उनके पुनर्वास के लिए मुआवजे के
साथ इंसाफ भी दिया जाएगा। चुनाव घोषणा पत्र के सभी वादों को पूरा करने के
लिए सरकार कृत संकल्पित हैं।इस संबंध में कार्रवाई शुरू भी हो गई है। मुख्यमंत्री
ने यह आश्र्वासन मंगलवार को माकपा नेताओं को दिया। माकपा के राष्ट्रीय
महासचिव प्रकाश करात और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने मंगलवार को मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव से मुलाकात कर अदालत से निर्दोष घोषित हुए आतंकी आरोपियों
को पुनर्वासित करने की मांग की थी। माकपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को
नौ मुस्लिम युवाओं का विवरण देते हुए बताया कि पुलिस ने इन्हें आतंकी होने
के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनके नाम वासिफ हैदर, शफाअत रसूल हाजी अतीक
(सभी कानपुर निवासी) हैं। इनको आठ-आठ वर्ष का समय जेल में बिताना पड़ा। कानपुर
के ही मुमताज अहमद को नौ वर्ष जेल में बिताने पड़े। अदालत में पुलिस इन्हें
आतंकी साबित नहीं कर पाई, जिसके
बाद इनकी रिहाई हुई। सवाल यह है कि निर्दोष होने के
बावजूद उनको आतंकी होने के आरोप में जो वर्ष जेल में काटने
पड़े, उसकी
भरपाई कैसे मुमकिन है? मुख्यमंत्री
ने आश्र्वस्त किया कि सरकार इस मामले में गंभीर है और निर्दोष
लोगों को राहत दिलाने तथा केस वापस लेने में उसकी उचित
भूमिका रहेगी।
Dainik jagran National Edition 30-01-2013 Page
-5 vkradokn)
Thursday, January 17, 2013
भारत में घुसपैठ के इंतजार में ढाई हजार आतंकवादी
नई दिल्ली, प्रेट्र : पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा दो
भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के
बीच जारी जबर्दस्त तनाव के बीच ढाई हजार से अधिक आतंकवादी
भारत में घुसपैठ की ताक में बैठे हैं। खुफिया रिपोर्टो के मुताबिक, गुलाम
कश्मीर और पाकिस्तान के दूसरे इलाकों में चल रहे शिविरों में
प्रशिक्षित ये आतंकवादी सीमा पार कर भारत में घुसने का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्टो के बाद गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और सीमा
पर चौकसी कड़ी बरतने का निर्देश दिया है। खुफिया रिपोर्टो में
कहा गया है कि सीमा पार 42 आतंकी
प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। इनमें से 25 शिविर
गुलाम कश्मीर और 17 शिविर
पाकिस्तान के दूसरे इलाकों में चल रहे हैं। गृह मंत्रालय के
सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण
पाने के
बाद हथियार और गोलाबारूद से लैस 2500 आतंकवादी घुसपैठ के लिए मौके का इंतजार
कर रहे हैं। इस
साल देश में कम से कम 90 आतंकवादी
घुसपैठ कर चुके हैं जो पिछले वर्षो की तुलना में सबसे अधिक
है। वर्ष 2009 में
69 और
2010 में
94 घुसपैठिए
देश में
घुसने में कामयाब हुए थे। जबकि 2011 में 63 आतंकवादियों ने सीमा
पार से देश
में घुसपैठ की थी। इसके अलावा करीब 125 आतंकियों को
जम्मू-कश्मीर से घुसपैठ
की कोशिश करने पर गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल के वर्षो की तुलना में
इस वर्ष घुसपैठ की वारदात में बढ़ोतरी हुई है। इस साल अब तक 249 बार घुसपैठ
के प्रयास किए गए। वहीं, पिछले
साल 247 प्रयास
किए थे। इसके अलावा 2010 में
489, वर्ष
2009 में
485 और
2008 में
घुसपैठ के 348 प्रयास
किए जा चुके
हैं। सूत्रों के अनुसार आतंकियों को घुसपैठ कराने में पाकिस्तानी सेना पूरी
तरह मदद करती है। उसकी ओर से शनिवार रात भर हुई गोलाबारी से यह बात और
पुख्ता हुई है
1.
Dainik
Jagran Naational Edition Date 14-01-2013Page-1 vkradokn
Friday, November 30, 2012
जनवरी को तय होगी आतंकी हेडली की सजा
शिकागो, प्रेट्र
: मंुबई हमलों (26/11) में
अपनी भूमिका स्वीकार चुकेलश्कर आतंकी डेविड कोलमैन हेडली
उर्फ दाऊद गिलानी को अगले साल 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
जबकि उसके सहयोगी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा
को 15 जनवरी
को सजा सुनाई जाएगी। इससे पहले राणा को सजा सुनाने की तारीख
चार दिसंबर मुकर्रर की गई थी। शिकागो कोर्ट के
प्रवक्ता रैंडल सैमबोर्न ने बताया कि अमेरिकी जिला जज हैरी लेनिनवेबर
दोनों आतंकियों को सजा सुनाएंगे। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी
हेडली को मुंबई हमलों की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया है। पिछले साल
अदालत ने राणा को 26/11 हमलों
में शामिल होने के आरोपों से बरी कर दिया था। मगर
लश्कर-ए-तैयबा को साजो-सामान उपलब्ध कराने और पैगंबर मुहम्मद का कार्टून
प्रकाशित करने वाले डेनमार्क के एक अखबार पर हमले की साजिश रचने का दोषी
दोषी ठहराया था। 26 नवंबर, 2008 को
मुंबई में हुए आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। 26/11 से
पहले मुंबई के विभिन्न ठिकानों की रेकी करने वाला 52 वर्षीय हेडली अमेरिकी
संघीय जांच एजेंसी (एफबीआइ) द्वारा लगाए लगे सभी 12 आरोपों में दोषी
ठहराया गया है। इन 12 आरोपों
में छह आरोप भारत में सार्वजनिक स्थान पर बम विस्फोट करने, भारत
और डेनमार्क में लोगों की हत्या और विकलांग बनाने, विदेशी आतंकवादियों
की मदद, लश्कर
को साजो सामान उपलब्ध कराने और भारत में छह अमेरिकी नागरिकों
की हत्या से संबंधित हैं। अदालत ने हेडली को 18 मार्च, 2010 को
सभी आरोपों का दोषी ठहराया था। भारत में सार्वजनिक स्थानों पर बम विस्फोट
की साजिश रचने और वहां पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या से संबंधित आरोपों
के लिए उसे मौत की सजा मिल सकती थी, लेकिन एफबीआइ के साथ
हुए प्ली बार्गेन
(अपराध कबूलने के लिए की गई सौदेबाजी) के कारण वह इससे बच सकता है। ज्ञात
हो कि संघीय जांच एजेंसी एफबीआई की जांच में डेविड हेडल पर बारहों मामलों
में दोषी पाया गया है। अब डेविड हेडली को इन आरोपों के आधार पर ही सजा
सुनाई जाएगी। राणा को ज्यूरी ने 10 जून, 2011 को दोषी ठहराया था।
उसने खुद
को सभी मामलों से बरी किए जाने और फिर से मुकदमा चलाए जाने का आग्रह किया
था, जिसे
खारिज कर दिया गया था हेडली के प्रत्यर्पण पर जल्द फैसला लेगा
अमेरिका नई
दिल्ली: डेविड कोलमैन हेडली को भारत प्रत्यर्पित करने के मामले पर अमेरिका
जल्द फैसला लेने वाला है। अमेरिका के राजनीतिक मामलों के उपमंत्री वेंडी
शर्मन ने इसके संकेत दिए हैं। वहीं, भारत इस बात को लेकर
आशावान है कि
अमेरिका उसके हक में फैसला लेगा। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय और अमेरिका
के न्याय विभाग के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के
लिए बैठक की योजना बनाई जा रही है। इस दौरान हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा
के प्रत्यर्पण के मसले पर भी चर्चा होगी। भारत के जांच अधिकारी
हेडली से पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन पाकिस्तानी मूल के
कनाडाई व्यवसायी हुसैन राणा तक अभी तक भारतीय एजेंसियां नहीं पहुंच सकी हैं।
इन दोनों के
अलावा भारत ने हेडली की पत्नी शाजिया, गर्लफ्रेंड पोर्टिया
पीटर और एक अन्य महिला से पूछताछ के लिए भी अमेरिकी
सरकार से गुहार लगाई है।
Dainik Jagran National Edition 30-11-2012 Page-7 vkradokn)
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