Saturday, September 10, 2011

चिदंबरम-जेटली में जुबानी जंग

नई दिल्ली आतंकवाद के मुद्दे पर संसद में एकजुटता दिखाने के बाद अब सरकार व प्रमुख विपक्षी दल भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बीच आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लग गई। जेटली ने खुफिया तंत्र की नाकामी के लिए सरकार को घेरा, वहीं चिदंबरम ने विपक्ष पर राजनीति का आरोप मढ़ा। गृहमंत्री ने जिम्मेदारी राज्यों पर डालने की कोशिश की तो जेटली ने दो टूक कहा,आतंकवाद से निपटना राज्य नहीं केंद्र की जिम्मेदारी है। संसद के मानसून सत्र की समाप्ति के बाद सत्र का लेखा-जोखा रखते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व राज्यसभा में अरुण जेटली ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जेटली ने एनआइए की समीक्षा की जरूरत बताते हुए कहा, इस सत्र के पहले मुंबई में हमला हुआ था और सत्र समाप्त होते-होते आतंकियों ने दिल्ली को निशाना बनाया। यही नहीं, पिछली छह आतंकी घटनाओं- वाराणसी के शीतला घाट, बंगलूर के चिन्नास्वामी स्टेडियम, पुणे की जर्मन बेकरी, दिल्ली की जामा मस्जिद व दिल्ली हाईकोर्ट में मई और अब 7 सिंतबर की घटना का खुफिया एजेंसियों को कोई सुराग तक नहीं मिल सका है। एनआइए के गठन के बाद भी यह हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं। क्या आतंकियों ने हमारे खुफिया तंत्र से आगे की क्षमता हासिल कर ली है? जेटली ने कहा, केवल यह कहना काफी नहीं है कि हम आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे, बल्कि आतंकी घटनाएं न होने देने की व्यवस्था बनानी होगी। गृहमंत्री पी.चिदंबरम ने पलटवार करते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने जेटली को याद दिलाया कि राजग सरकार में जब संसद पर हमला हुआ था, तब विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई थी। उसके किसी नेता ने इस तरह से प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार पर आरोप नहीं लगाए थे। चिदंबरम ने आशा जताई कि विपक्षी दलगत भावना से उठकर राजनीतिक परिपक्वता दिखाएंगे। उन्होंने कहा, भारत ही नहीं, दुनिया भर में आतंकी हमले हो रहे हैं। हम एक संकटग्रस्त देश के पड़ोसी हैं, जहां आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं। कोई भी इसकी गारंटी नहीं दे सकता है कि आगे से हमला नहीं होगा। जहां तक सवाल चिन्नास्वामी स्टेडियम व शीतलाघाट की घटनाओं का है तो राज्य पुलिस उनकी जांच कर रही है। पुणे के मामले में छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र आ चुके हैं। मुंबई और दिल्ली की घटनाओं की जांच जारी है। चिदंबरम की बात खत्म होने पर जेटली ने फिर मोर्चा संभालते हुए कहा,आतंकवाद का दायरा राज्यों व देश की सीमा से बाहर तक है। यह सामान्य कानून- व्यवस्था का मामला नहीं है कि राज्य पुलिस जांच कर सके। केंद्र ऐसे मामलों में जांच की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता है

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