जयपुर दिल्ली विस्फोट के मामले में राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों किशनगढ़बास कस्बे में धर्मशाला की तलाश में घूम रहे थे। दिल्ली में हुए बम विस्फोट के बाद जारी किए गए आतंकियों के स्केच से गिरफ्तार युवकों में एक की शक्ल मिलने की बात बताई जा रही है। घटना की जानकारी पर मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने थाने पर पहुंच कर गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की। जानकारी के अनुसार रात में कस्बे वासियों ने पुलिस को दो संदिग्ध लोगों के घूमने की सूचना दी। पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना के बाद जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिला निवासी रानी मागर व मियां अहमद खतान नाम के दो युवकों को पकड़ा है। पुलिस इनके बारे में फिलहाल कुछ भी जानकारी देने को तैयार नहीं है। पुलिस का मानना है कि अलवर से दिल्ली की निकटता होने के कारण आतंकवादी जिले में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन पूरी जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा। इधर, अपने संसदीय क्षेत्र अलवर दौरे पर आए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आंतरिक सुरक्षा को ओर अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। देश के प्रमुख 15 हजार पुलिस थानों को ऑन लाइन किया जाएगा, इस काम पर दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में देश के अन्य पुलिस थानों को ऑनलाइन किया जाएगा। पूर्णिया में भी मातम जानकीनगर (पूर्णिया), जासं : दिल्ली में हाईकोर्ट गेट पर बुधवार को आतंकियों द्वारा किए गए बम धमाके में पूर्णिया का एक युवक भी मारा गया। बनमनखी प्रखंड के जानकीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर निवासी प्रमोद कुमार चौरसिया भी उन 13 लोगों में शामिल है, जो दिल्ली हाई कोर्ट के पास धमाके में मारे गए। प्रमोद की मौत से रामनगर में उसके परिजन व ग्रामीण शोकाकुल हैं। प्रमोद अपने चार बच्चों एवं पत्नी बिजली देवी के साथ दिल्ली के नांगलोई स्थित इंद्रा इनक्लेब फेज 2 में रहता धमाके के समय वह हाईकोर्ट गेट पर मूंगफली बेचने गया था। प्रमोद की मौत की जानकारी मिलते ही उसकी 70 वर्षीया मां चिंता देवी की हालत नाजुक हो गई है
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