नई दिल्ली बार-बार के बम धमाकों के बाद एक सप्ताह पहले दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए ब्लास्ट के मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार को कहा है कि पीडि़तों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए एक स्कीम बनाए। इस ब्लास्ट में 13 लोग मारे गए थे। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार से पूछा है कि वह बताए कि इन पीडि़तों के परिजनों को कितना मुआवजा दे रही है। इतना ही नहीं इस ब्लास्ट में घायल होने वाले के पुर्नवास के लिए क्या कदम उठाए जा रहे है। दोनों सरकार इस संबंध में अपना जवाब दायर करे। खंडपीठ ने कहा कि वह आशा करते है कि दोनों सरकार इस मामले पर मिलकर विचार करे और इसका हल निकालें। अदालत ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। इस याचिका में मांग की गई है कि दोनों सरकारों को निर्देश दिया जाए कि ब्लास्ट के पीडि़तों को उपयुक्त मुआवजा दिया जाए। साथ ही जो लोग घायल हुए है उनके इलाज का उचित खर्च दिया जाए। खंडपीठ ने कहा कि हमें पता है कि मृतकों के परिजनों को उनके जाने से जो परेशानी हुई है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। परंतु उनके परिजन अच्छा जीवन जी पाए। दिल्ली सरकार को कहा है कि उन पीडि़तों की सूची सौंपी जाए जिनको मुआवजा दिया जा चुका है और जिनको अभी दिया जाना है। अदालत ने कहा कि सरकार को दिखाने के लिए ही संवेदनशील नहीं होना चाहिए बल्कि असल में संवेदनशीलता दिखानी भी चाहिए। इसलिए आशा करते है कि दोनों सरकार इस मामले में संवेदनशीलता से काम करेगी ताकि पीडि़तों के परिजनों को कुछ लाभ मिल सके। दिल्ली सरकार के वकील नजमी वजीरी ने बताया कि सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख व घायलों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए मुआवजा दे चुकी है। अदालत ने कहा कि वह इस संबंध में 21 सितंबर तक एक विस्तृत हलफनामा दायर करे। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने यह याचिका दायर करते हुए कहा कि बार-बार ब्लास्ट की घटना होने के बावजूद भी सरकार इनको रोकने में असफल हो रही है। केंद्र सरकार,दिल्ली सरकार व उनके अधिकारियों की यह ड्यूटी बनती है कि आम आदमी को आतंकवादी हमलों से बचाए। इसलिए सरकार को निर्देश दिया जाए कि उन सभी को सामाजिक सुरक्षा दी जाए जो इन ब्लास्ट में अपाहिज हो गए है। इंटेलिजेंस एजेंसियों से सूचना मिलने के बाद भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है और आम आदमी के प्रति अपनी ड्यूटी नहीं निभा पा रही है। हर ब्लास्ट के बाद सिर्फ आश्र्वासन दे दिए जाते है कि आगे से ऐसी घटनाओं को होने से रोका जाएगा
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