किश्तवाड़ दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुए बम धमाके की जिम्मेदारी लेने के लिए हुजी के नाम से ईमेल भेजने वाले दो छात्रों को पुलिस ने किश्तवाड़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए सात दिन के रिमांड पर भी ले लिया है। जांच एजेंसियों ने पूरी संभावना जताई है कि दिल्ली धमाके की साजिश भी किश्तवाड़ में ही रची गई है। 7 सितंबर (बुधवार) को दिल्ली धमाके के बाद किश्तवाड़ के ग्लोबल साइबर कैफे से ईमेल करने वाले दो छात्रों शारीक अहमद भट पुत्र रफीक अहमद भट तथा आबिद हुसैन पुत्र अता उल्ला निवासी किश्तवाड़ को पुलिस ने दबोच लिया। बुधवार को जिला सेशन जज के कोर्ट में पेश कर दोनों को सात दिन की रिमांड पर भी ले लिया गया है। शारीक और आबिद ब्वायज हायर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ते हैं। दोनों को पुलिस ने दस सितंबर शनिवार शाम को हिरासत में लिया था। तभी से दोनों से पूछताछ चल रही थी। शारीक के पिता रफीक स्टेट फारेस्ट कॉरपोरेशन के मुलाजिम हैं। जबकि आबिद के पिता अता उल्ला डीसी दफ्तर में बतौर क्लर्क काम करते हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। लेकिन सूत्रों के अनुसार इन दोनों के पीछे कोई शातिर दिमाग काम कर रहा है। उसी ने इन लड़कों को एक सीडी में मेल का कंटेंट देकर साइबर कैफे से मेल करने के लिए भेजा था। पुलिस ने कैफे के प्रबंधक अश्विनी की निशानदेही पर दोनों को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उक्त सीडी जब्त कर ली है और गत रविवार को उस सीडी को जांच के लिए कश्मीर भी भेजा गया था। जांच एजेंसियों ने यह संभावना भी जताई है कि दिल्ली धमाके की साजिश भी किश्तवाड़ में ही रची गई थी, जिसे इन दोनों आरोपियों के साथियों ने अंजाम दिया था। जानकारी यह भी मिली है कि ये लोग हुजी और इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करते थे। पूरी संभावना है कि दिल्ली से आई एनआइए की टीम इन दोनों लड़कों को किश्तवाड़ से अपने साथ ले जाए
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