Wednesday, September 14, 2011

सिम कार्ड के क्लोन से भेजा गया ईमेल

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में हुए विस्फोट के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को दी जाने वाली इनाम की राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की है। हालांकि जांचकर्ताओं को संदेह है कि पिछले सप्ताह हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले ईमेल को सिम कार्ड के क्लोन से भेजा गया है। सूत्रों ने कहा कि चार में से एक ईमेल का पता लगाने के दौरान जांचकर्ताओं ने पाया है कि इसे भेजने के लिए इंटरनेट कनेक्शन वाले मोबाइल फोन के सिम कार्ड के क्लोन का इस्तेमाल किया गया था जिसके कारण जांचकर्ताओं के लिए ईमेल को भेजने वाले व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। मामले की जटिलता का संकेत देते हुए एक सूत्र ने कहा, हमने पश्चिमी बंगाल में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उसे पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है लेकिन संभवत: इस ईमेल को भेजने वाला वास्तविक व्यक्ति वह नहीं है। सूत्रों ने कहा, कई पड़ोसी राज्यों की एटीएस और दिल्ली पुलिस के सुरक्षाकर्मियों की मदद के बावजूद इस मामले में धीमी प्रगति हो रही है लेकिन जांचकर्ताओं का मानना है कि अगले कुछ दिनों में निश्चित तौर पर कुछ प्रगति होगी। 21 लोग अस्पताल में : हाई कोर्ट बम ब्लास्ट के सात दिन बाद भी मृदुल बक्शी की स्थिति गंभीर बनी हुई है, वह अभी भी आईसीयू में है। वहीं दूसरी ओर ओर दोनों पैर गवां चुके रतन लाल की स्थिति में सुधार जारी है। उसे अगले एक दो दिन के अंदर आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। जबकि दूसरी ओर कुल 14 जख्मी अभी भी आरएमएल में है जिसमें से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बता दें कि पिछले बुधवार को हुए बम ब्लास्ट में घायल कुल 56 लोगों को यहां भर्ती किया गया था, जिसमें चार लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी। इस घटना में कुल 13 लोगों की जान चली गई थी। आरएमएल में इलाज के लिए भर्ती 20 लोगों का मृत टिशू (उत्तक) सर्जरी कर हटाया गया। जबकि चार लोगों के पैर काटने की नौबत आई जिसमें एक एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती है

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