रांची मुंबई में 13 जुलाई को हुए बम धमाकों के बाद रांची में जिस मंजर इमाम नामक कथित आतंकी की तलाश की जा रही थी, उसके बारे में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन में मंजर को अबु हनीफा के नाम से जाना जाता है। गुजरात क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार यह नाम इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ने के बाद आतंकी सरगना ने उसे दिया। आतंकी छद्म नाम रखते हैं ताकि उनकी पहचान छिपी रही। मंजर उर्फ मंजर इमाम उर्फ जमील उर्फ अबु हनीफा गुजरात के सूरत बम धमाकों का वांछित आरोपी है। गुजरात पुलिस के हत्थे चढ़े दानिश के स्वीकारोक्ति बयान पर मंजर के खिलाफ वारंट निकला है। मंजर की तलाश में दूसरे दिन भी गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम रांची में जमी हुई है। पुलिस मंजर व उसके परिजनों तथा रिश्तेदारों के मोबाइल व अन्य माध्यमों से मंजर का पता लगाने में जुटी है। मंगलवार को गुजरात क्राइम ब्रांच ने रांची स्थित सीआइडी के अधिकारियों से भी मुलाकात की और मंजर के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार गुजरात क्राइम ब्रांच इस बात से नाराज दिखी कि रांची पुलिस अब तक मंजर के बारे में कुछ पता नहीं लगा पाई है। डेढ़ माह पूर्व भी मंजर की तलाश में एनआइए, हैदराबाद की टीम काफी दिनों तक यहां रुकी थी लेकिन मंजर का कोई सुराग नहीं मिल पाया। वह भी तब जब उसके परिजन यह कहते रहे कि मंजर के बारे में उन्हें पता है, लेकिन आतंकी होने का कोई सबूत देने पर उसके बारे में कोई जानकारी देंगे। रांची के एसएसपी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि मंजर की तलाश जारी है। गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम कहां है, यह बताना मुश्किल है, क्योंकि टीम ने मुझसे संपर्क नहीं किया है। मंजर पर वारंट है और गिरफ्तारी व पूछताछ के बाद ही उसपर लगे आरोप की विस्तृत जानकारी मिलेगी।
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