Thursday, September 15, 2011

अमेरिका ने भी आइएम को प्रतिबंधित सूची में डाला

 भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) पर अब अमेरिका ने प्रतिबंध लगाते हुए इसे विदेशी आतंकवादी गुट घोषित कर दिया है। अमेरिका ने कहा कि आइएम के लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तान आधारित गुटों के साथ संबंध हैं। इस घोषणा के परिणामस्वरूप संगठन को दिए जाने वाले भौतिक और संसाधन संबंधी सहयोग को प्रतिबंधित किया जा सकेगा। इससे संगठन की अमेरिका और अमेरिकी लोगों के नियंत्रण में आने वाली संपत्ति की जब्ती में भी मदद मिलेगी। आइएम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान आधारित लश्कर, जैश-ए-मुहम्मद और हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी (हूजी) जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के साथ आइएम के संपर्क हैं। इसमें कहा गया है, आइएम का उद्देश्य गैर मुस्लिमों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना है। उसका अंतिम उद्देश्य पूरे दक्षिण एशिया में इस्लाम का शासन स्थापित करना है। आइएम 2005 के बाद से पूरे भारत में दर्जनों हमलों का जिम्मेदार है, जिसके चलते सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की जान गई है। विदेश विभाग के आतंकवाद रोधी मामलों के समन्वयक डेनियल बेंजामिन ने कहा, इस घोषणा से पता चलता है कि आइएम ने न केवल अमेरिका के लिए बल्कि उसके करीबी सहयोगी भारत के लिए भी बड़ा खतरा पैदा किया हुआ है। आज की यह कार्रवाई प्रदर्शित करती है कि हम भारत के साथ हैं। बेंजामिन ने कहा कि यह घोषणा आतंकवाद के खिलाफ हमारी जंग में काफी अहम कदम है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमले करने का आइएम का मुख्य तरीका भीड़ भरे इलाकों में आपस में समन्वय से कई स्थानों पर बम विस्फोट करना है, जिसमें आर्थिक और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया जाता है, ताकि हताहतों की संख्या ज्यादा से ज्यादा रहे। 2010 में आइएम ने पुणे में जर्मन बेकरी को निशाना बनाया था, जिसमें 17 लोग मारे गए थे। इसके पहले 2008 में दिल्ली में आइएम के हमले में 30 लोग मारे गए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आइएम ने 2008 के मुंबई हमलों में भी अहम भूमिका निभाई थी। लश्कर द्वारा किए गए इस हमले में 163 लोग मारे गए थे

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