तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का दावा आतंकियों ने मार गिराया ड्रोन इस्लामाबाद, एजेंसी : पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए उड़ा अमेरिका का चालक रहित खुफिया विमान ड्रोन रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दूसरी ओर तालिबान ने दावा किया है कि ड्रोन विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ है बल्कि उसने इसे मार गिराया है। हालांकि इस बात की पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है। समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त ड्रोन विमान का मलबा जैसे ही जमीन पर गिरा वहां पर तालिबान लड़ाकों का जमावड़ा लग गया। इसके बाद आतंकी विमान का मलबा लेकर जाने लगे, लेकिन पाक सुरक्षाबलों ने तेजी दिखाते हुए तत्काल एक टुकड़ी घटनास्थल भेजी और मलबा हासिल करने के लिए अभियान शुरू किया। दोनों ओर से हुई फायरिंग में दो आतंकियों की मौत हो गई और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सैन्य प्रवक्ता हालांकि यह बात कह रहे हैं कि उन्होंने मलबा हासिल कर लिया है, लेकिन इस बारे में अभी अधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआइए) द्वारा संचालित ड्रोन विमान दक्षिण वजीरिस्तान के जंगारा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इस इलाके में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) लंबे वक्त से सक्रिय हैं। टीटीपी के प्रवक्ता एहसानुल्ला अहसान ने दावा किया कि इस विमान को उनके लड़ाकों ने मार गिराया है। दूसरी ओर सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन तकनीकी खराबी की वजह से हादसे का शिकार हो गया है। विमान का मलबा सुरक्षाबलों ने बरामद किया है। अमेरिकी ड्रोन उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान के कबाइली इलाकों में नियमित उड़ान भरते हैं। बीते चार वर्षो में ड्रोन ने सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं। पाकिस्तान इन हमलों का विरोध करता रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञ चिंतित दो मई को एबटाबाद में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमेरिकी नेवी सील्स कमांडोज ने जब कार्रवाई की थी उस दौरान अमेरिका का अति आधुनिक हेलीकॉप्टर स्टील्थ दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हेलीकॉप्टर का मलबा अमेरिकी कमांडोज वहीं पर छोड़कर भाग गए थे। इसके बाद द न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर दी कि पाकिस्तान ने चीन को स्टील्थ हेलीकॉप्टर का मलबा भेजा जिससे उसे इसकी तकनीक समझने में मदद मिली। अब ड्रोन का मलबा पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के हाथ लग गया है। पाक सरकार लंबे समय से अमेरिका से ड्रोन की मांग कर रही है। दूसरी ओर चीन सहित दुनियाभर के देश ड्रोन जैसा विमान बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। विशेष तौर पर चीन की सेना इसे हासिल करने के लिए दिन-रात एक किए हुए है। परेशानी की बात यह भी है कि अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्ते भी इन दिनों पटरी से उतरे हुए हैं। अब ड्रोन का मलबा अमेरिका को कितने दिनों में हासिल होगा यह देखने वाली बात होगी
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