भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई पर हमला देश की अर्थव्यवस्था पर हमला है। इसे महानगर के लोगों के जज्बे को एक के बाद हमले सहते जाने की भावना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने बुधवार मुंबई में हुए तीन सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद शुक्रवार को जारी बयान में कहा, यह सही है कि घातक से घातक आतंकी हमले के फौरन बाद मुंबई शहर सामान्य जीवन की ओर बढ़ चलता है, लेकिन मुंबई के इस जज्बे को आतंकवाद के प्रति नरम रुख रखने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, मुंबई का जज्बा यह नहीं हो सकता कि एक हमला सहने के बाद दूसरे हमले का इंतजार किया जाए। मुंबई पर लगातार हमलों से पूरे देश को यह महसूस करना चाहिए कि हमें खुफिया तंत्र, रोकथाम और दंड के प्रावधान वाली ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिसमें देश के किसी भी स्थान पर हमला करना संभव नहीं हो। जेटली ने कहा कि अगर फिर भी कोई भारत में हमला करने में सफल रहे तो हम यह सुनिश्चित कराएं कि हमलावर को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़े। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने मुंबई के सबक शीर्षक वाले अपने वक्तव्य में कहा, अमेरिका में 9/11 की घटना के बाद कोई भी फिर हमला करने का दुस्साहस नहीं जुटा पाया। मुंबई के लिए यही भावना रखी जाए कि हालिया हमला शहर पर हुआ आखिरी हमला था। जेटली ने कहा, हमारी पश्चिमी सीमा से सटा पड़ोसी देश आतंकवाद को हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करता है। दुनिया में बमुश्किल ही ऐसा कोई आतंकवादी हमला हुआ होगा, जिसके तार पाकिस्तानी से न जुड़ते हों। लादेन को भी वहीं पनाह मिली। इंडियन मुजाहिदीन को भी भारत में आतंकवादियों को तैयार करने के लिए बाहर से खड़ा किया गया और उसे समर्थन दिया गया। पाकिस्तान के साथ हो रही बातचीत के संदर्भ में उन्होंने कहा, जो लोग पाकिस्तान के साथ संवाद का पक्ष लेते हैं, उन्हें यह जरूर याद रखना चाहिए कि पड़ोसी देश में बेहद अशांति है। पाकिस्तान के उन तत्वों के साथ रिश्ते हैं जो आतंकवाद को अंजाम देते हैं।
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