Saturday, July 30, 2011

दीवाली तक ओपेरा हाउस छोड़ देंगे हीरा व्यापारी


मुंबई महानगर के ओपेरा हाउस क्षेत्र में गत 13 जुलाई को हुए बम विस्फोट का डर हीरा व्यापारियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसी का नतीजा है कि इस क्षेत्र के 70 फीसदी हीरा व्यापारियों ने दीवाली तक ओपेरा हाउस छोड़कर करीब 10 किलोमीटर दूर भारत डायमंड बोर्स में जाने का मन बना लिया है। ओपेरा हाउस में हीरा व्यवसाय का अंतरराष्ट्रीय बाजार होने के कारण इसे भारत का एंटवर्प कहा जाता है। यहां से हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपये मूल्य के तराशे हीरों का निर्यात किया जाता है। भारतीय रत्न एवं आभूषण निर्यात परिषद के उपाध्यक्ष संजय कोठारी ने शुक्रवार को दैनिक जागरण को बताया कि 13 जुलाई को हुए विस्फोट के बाद हीरा व्यवसायी ओपेरा हाउस से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित भारत डायमंड बोर्स में जाने की तैयारी करने लगे हैं। ओपेरा हाउस में उन्हें न सिर्फ अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगी है, बल्कि उनके पास आने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारी भी भय का अनुभव करते हैं। कोठारी के अनुसार एक बड़ी कंपनी ने तो आगामी 1 अगस्त को ही ओपेरा हाउस से निकलने की योजना बना ली है। 15 अगस्त से दीवाली के बीच ओपेरा हाउस की 70 फीसदी कंपनियां भारत डायमंड बोर्स में स्थानांतरित हो जाएंगी। गौरतलब है कि हीरों के प्रमुख विनिमय बाजार बेल्जियम, इजरायल, दुबई, चीन या भारत में हैं। इनके कारोबार का नियमन बेल्जियम स्थित व‌र्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायमंड बोर्सेस (डब्ल्यूएफडीबी) द्वारा किया जाता है। भारत ने कच्चे हीरों की तराशी में अपनी विशेष पहचान बना रखी है। यह काम मूलत: गुजरात में होता है। जबकि, मुंबई के ओपेरा हाउस क्षेत्र की कुछ बहुमंजिला इमारतों से इन तराशे हुए हीरों का व्यापार किया जाता है। छोटे व्यापारी तो ओपेरा हाउस की पंचरत्न बिल्डिंग के बाहर सड़क पर ही खड़े होकर लाखों-करोड़ों का व्यवसाय कर डालते थे। 13 जुलाई के विस्फोट के बाद स्थितियां बदल गई हैं। अब ये हीरा व्यापारी मध्य मुंबई में स्थित 20 लाख वर्ग फीट की नौ मंजिली इमारत में बने दुनिया के सबसे बड़े हीरा एक्सचेंज भारत डायमंड बोर्स में जाने को तैयार हैं।

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