नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो : मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट भले ही आतंकवादी वारदात हों, लेकिन जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसमें नक्सलियों का भी सहयोग लिया गया है। अब वे इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के साथ ही नक्सली संगठन के तार भी तलाश रही हैं। खास कर पिछले कुछ महीनों के दौरान मिली खुफिया जानकारी ने इस संदेह को और मजबूत किया है। मुंबई हमले की जांच पर नजर रख रहे एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस हमले में आतंकवादी संगठनों की ओर से नक्सलियों से सहयोग लिए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इनके मुताबिक यह पूरी जांच दो सिरे से जारी है। एक तरफ तो मौके पर उपलब्ध सुराग की छान-बीन की जा रही है, वहीं दूसरे छोर पर इन संगठनों के संपर्क सूत्र तलाशे जा रहे हैं। ये बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों के दौरान जानकारी मिली है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों की ओर से नक्सलियों के साथ संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। उधर, नक्सलियों ने अपने संगठन और मारक क्षमता को तो मजबूत किया ही है, साथ ही शहरों तक अपना असर पहुंचाने की इनकी महत्वाकांक्षाएं भी बहुत बढ़ी हैं। ऐसे में दोनों के साथ आने की संभावना भी बढ़ गई है। अगर यह गठजोड़ कामयाब हो गया तो देश के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित होगा। इससे पहले पिछले साल ही दाऊद इब्राहिम की ओर से नक्सलियों से संपर्क करने की कोशिश का खुलासा हुआ था। बेंगलूर पुलिस ने दाऊद के गुर्गो को गिरफ्तार किया था, जो नक्सलियों को धन पहुंचाने जा रहे थे। तब इन्होंने यह भी माना था कि यह काम आइएसआइ के कहने पर किया जा रहा है। हालांकि पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा या उसके सहयोगी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के नक्सलियों के साथ स्थायी संबंध का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है। यहां तक कि केंद्र सरकार भी अब तक इस तरह के संबंध की बात से इंकार करती रही है।
lang=l � t l x p hUq amily:Mangal;mso-bidi-language: HI'>जिसमें निर्दोष और शांतिप्रिय लोगों को निशाना बनाया गया। हमारा सहयोग और प्रार्थना पीडि़तों एवं उनके परिवार के साथ है।
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