Monday, July 25, 2011

महताब की भी आतंकी संगठनों से साठगांठ


पूर्णिया किशनगंज के पौआखाली से पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकी आकाश खान उर्फ रियाजुल के मामले की जांच में जुटी पुलिस व आइबी को हर रोज नई जानकारी हाथ लग रही है। पुलिस को इस बात के पक्के सबूत मिले हैं कि जिस महताब के घर में आकाश खान रहता था, उसके भी आतंकी संगठन से साठगांठ रही है। शक को महताब एवं आकाश खान की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजनों के घर छोड़कर फरार होने की घटना ने और पुख्ता कर दिया है। पुलिस अब इसकी जांच में जुट गई है कि कहीं महताब के परिजन उस लैपटाप को लेकर फरार तो नहीं हो गए, जिसमें पकड़े गए आतंकी के कई राज थे। पुलिस को इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि महताब हर माह किसी खास व्यक्ति से मिलने दिल्ली व पश्चिम बंगाल जाता था। महताब के मोबाइल प्रिंट आउट भी इस मामले में कई राज उगल रहे हैं। उसके मोबाइल नंबरों से भी देश के कई शहरों में बात की गई है। पकड़े गए आतंकी आकाश खान के मोबाइल के स्क्रीन पर लिखा हुआ मिला, अल्लाह आपकी हिफाजत करे। यही वाक्य महताब के मोबाइल के स्क्रीन पर लिखा हुआ पाया गया है। पुलिस को पकड़े गए आतंकी के मोबाइल प्रिंट आउट से इस बात की जानकारी मिली है कि 13 जुलाई को जिस दिन बम विस्फोट की घटनाओं से मुंबई दहली थी, उस रात डेढ़ बजे तक उसने मुंबई के कई नंबरों पर बात की। कुछ नंबरों पर तो इसके बात करने का समय काफी लंबा है। इसके बाद 14 जुलाई को भी सुबह से ही इस आतंकी ने अपनी बातचीत का दौर शुरू कर दिया था। पुलिस और जांच एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि जब आकाश खान का कोई संबंध मुंबई से नहीं था तो वह किससे और इतने देर तक क्यों बात कर रहा था? आकाश खान ने सिर्फ इस बात को स्वीकार किया था कि कुछ वर्ष पूर्व उसने मुंबई के बांद्रा में रहकर एक बिल्डर के यहां काम किया था।

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