गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि अमेरिका में गिरफ्तार गुलाम नबी फई के मुद्दे को भारत-पाकिस्तान के बीच हुई वार्ता में नहीं उठा कर संप्रग सरकार ने साबित कर दिया है कि वह छद्म बुद्धिजीवियों का समर्थन करती है। मोदी ने सवाल उठाया है कि संप्रग सरकार ऐसे छद्म बौद्धिक लोगों का समर्थन क्यों कर रही है, जो भारत से नफरत करने वाले फाई जैसे लोगों का सहयोग करते हैं। मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा है, अमेरिका में पिछले सप्ताह जो कुछ भी हुआ, उसने हर देशभक्त नागरिक का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस घटना ने बताया है कि पाकिस्तान की आइएसआइ हमारे देश के तथाकथित बुद्धिजीवी लोगों को किस हद तक प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि मामला इतना गंभीर था कि अमेरिका को फाई को गिरफ्तार करना पड़ा, लेकिन इतने गंभीर मामले को भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बातचीत में अहमियत ही नहीं मिली। इससे देश स्वाभाविक तौर पर मान सकता है कि संप्रग सरकार देश के छद्म बुद्धिजीवियों का समर्थन करती है। मोदी ने ट्विटर पर सवाल किया है। संप्रग सरकार ऐसे छद्म बुद्धिजीवियों का समर्थन और संरक्षण क्यों कर रही है, जो भारत से नफरत करने वाले फाई जैसे लोगों का सहयोग करते हैं।
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