Saturday, July 16, 2011

भारत के संयम की अमेरिका में तारीफ

वाशिंगटन, एजेंसी : मुंबई हमले के बाद भारत द्वारा बरते गए संयम की अमेरिका के एक प्रमुख अखबार ने प्रशंसा की है। लेकिन साथ ही ताकीद किया है कि अतीत में हुई गलतियों से सीख लेते हुए भारत को अपना खुफिया तंत्र और आतंकवाद निरोधी प्रयासों को बेहतर करने के लिए काम करना चाहिए। न्यूयार्क टाइम्स ने अपने प्रमुख संपादकीय में कहा, भारतीय गुस्से में हैं और पूछ रहे हैं कि सरकार ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं की। भारतीय अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने महत्वपूर्ण सुरक्षा सुधार किया है लेकिन इससे यह कभी संभव नहीं हो सकता कि सभी आतंकवादी हमले रुक जाएं। इसमें कहा गया, यह सच है, लेकिन नई दिल्ली को फिर भी इस अनुभव से सीख लेनी चाहिए और अपना खुफिया तंत्र और आतंकवाद निरोधक प्रयास बेहतर करने की कोशिश करते रहना चाहिए। इस अखबार ने कहा, वर्ष 2008 हमले के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चेताया था कि फिर से हमला होने पर उनका देश जवाबी कार्रवाई करेगा। हम उनके संयम की प्रशंसा करते हैं और दोनों पक्षों से जंग की खतरनाक कीमत के बारे में गहराई से सोचने का अनुरोध करते हैं। मुंबई में 13 जुलाई को हुए विस्फोटों के संदर्भ में अखबार ने कहा, भारतीय नागरिक अपने कई जायज सवालों के जवाब पाने के हकदार हैं। अब तक, भारतीय अधिकारी उचित एवं जिम्मेदार तरीके से प्रतिक्रिया देते दिख रहे हैं। पाकिस्तानी नेताओं ने विस्फोटों की निंदा की। लेकिन शब्द काफी नहीं हैं। उन्हें इसके लिए जिम्मेदार लोगों को खोज निकालने के लिए अपने भारतीय समकक्षों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। हमले की निंदा : अमेरिकी सीनेट के 38 सदस्यीय इंडिया कॉकस ने मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की कड़ी निंदा की है। इंडिया कॉकस समूह के सह-अध्यक्ष सीनेटर मार्क वार्नर और जॉन कॉर्निन ने कहा कि वह मुंबई बम विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें निर्दोष और शांतिप्रिय लोगों को निशाना बनाया गया। हमारा सहयोग और प्रार्थना पीडि़तों एवं उनके परिवार के साथ है।

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