Thursday, July 28, 2011

सहायक विदेश सचिव की नियुक्ति से उल्फा के भीतर बढ़ा टकराव


यूनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता-विरोधी धड़े की तरफ से रविवार को की गई सहायक विदेश सचिव की नियुक्ति पर वार्ता समर्थक धड़े ने सोमवार को आपत्ति जताई है। उल्फा अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के नेतृत्व वाले वार्ता-समर्थक धड़े ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह नियुक्ति उल्फा के संविधान के खिलाफ है, क्योंकि इसमें ऐसे किसी भी पद का प्रावधान नहीं है। संगठन के कमांडर-इन-चीफ परेश बरुआ के नेतृत्व वाले वार्ता-विरोधी धड़े ने रविवार को मीडिया को जारी किए गए बयान में कहा था कि डॉ. प्राणमॉय असम को संगठन का सहायक विदेश सचिव नियुक्त किया गया है। इस बयान में असम ने अपने हस्ताक्षर के साथ 8 जून को अपनी नियुक्ति किए जाने का दावा किया। उधर, संगठन की केंद्रीय समिति के सदस्य कमल कचारी ने कहा कि केवल उल्फा के अध्यक्ष को ऐसी नियुक्तियां करने का अधिकार है। गौरतलब है कि शांति वार्ता के लिए राजखोवा कुछ वरिष्ठ सदस्यों के साथ हाल ही में जमानत पर रिहा हुए हैं।

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