रांची भारत के दम पर जिस बांग्लादेश का निर्माण हुआ, दुर्भाग्य से वही हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगा रहा है। झारखंड के सीमावर्ती इलाकों पाकुड़ जिले के 6 रास्तों से बांग्लादेशी घुसपैठियों का प्रवेश बदस्तूर जारी है। साहिबगंज व गोड्डा के भी कुछ हिस्से इनके प्रभाव क्षेत्र में हैं। इस रास्ते पशु, पत्थर, कोयला, लकड़ी, मादक पदार्थ, हथियार आदि की बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है। देह व्यापार भी इसका एक हिस्सा है। घुसपैठ की वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या असंतुलन की स्थिति तो उत्पन्न हो ही गई है, घुसपैठिए राज्य की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि बिहार, बंगाल, असम और झारखंड के कुछ क्षेत्रों को मिलाकर ग्रेटर बांग्लादेश बनाने की नीयत से इन घुसपैठियों ने रिक्शा, ठेला, मजदूरी के विविध क्षेत्रों, कृषि, गृह निर्माण, ईट भट्ठों, लघु उद्योगों, छोटे व्यवसाय आदि पर बहुत हद तक कब्जा जमा लिया है। चोरी, अपहरण, महिलाओं पर अत्याचार, डकैती, तस्करी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं के साथ-साथ आतंकी संगठनों को हथियार की आपूर्ति के अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए जाली नोटों के कारोबार तक में इनकी संलिप्तता उजागर हो रही है। आकलन के मुताबिक बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से सटे झारखंड व बिहार की सीमा से हर वर्ष ढाई से तीन लाख घुसपैठिए देश की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। भाषाई समानता की वजह से ये आसानी से सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने ठिकाने बना रहे हैं। पाकुड़ के पाकुडि़या, महेशपुर और समीपवर्ती इलाके, साहिबगंज के कोदालपोखर, राजमहल, बरहरवा, लालबथानी, गुमानी नदी के उस पार के कई गांव और निकटवर्ती इलाके, गंगा के दियारा क्षेत्र आदि इलाकों में इनकी मौजूदगी प्रमाणित हो चुकी है। चुनाव तक को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाले इन घुसपैठियों को परोक्ष रूप से राजनीतिक दलों का भी संरक्षण प्राप्त है। मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड और यूआइडी कार्ड से लैस ये घुसपैठिए संबंधित क्षेत्रों में बहुसंख्यक बन चुके हैं। एक बानगी : संथाल परगना के सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठियों की सक्रियता को भांपकर साहिबगंज के तत्कालीन उपायुक्त सुभाष शर्मा ने 2005-06 में 12 से 14 हजार लोगों को चिन्हित किया था। लगभग डेढ़ दशक पहले बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने के आरोप में पाकुड़ नगर थाना के डीएसपी व थानेदार जेल की हवा तक खा चुके हैं। तकरीबन छह माह पूर्व रेलवे पुलिस ने साहिबगंज में कई घुसपैठियों को धर दबोचा था। संथाल परगना क्षेत्र के विविध स्टेशनों से गाहे-बगाहे ये पकड़े जाते रहे हैं।
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