Wednesday, August 24, 2011

घुसपैठ पर अमेरिकी चेतावनी बेमतलब


श्रीनगर सेना की 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने अमेरिकी चेतावनी को बेमानी बताया है। उन्होंने रविवार को अमेरिका द्वारा लश्कर व जैश के अगले कुछ दिनों में अपनी गतिविधियों में तेजी लाने की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि न तो यह हमारे लिए नई बात है और न ही इसके कोई मायने हैं। हसनैन ने कहा कि जैश वर्ष 2000 से और लश्कर उससे पहले से ही जम्मू कश्मीर में सक्रिय है। ये दोनों आतंकियों के बड़े संगठन हैं। इसलिए हमारे लिए यह सूचना कोई बहुत बड़ी या नई नहीं है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण तो यह है कि आतंकी क्या कर ने जा रहे हैं और हम उन्हें मार गिराने के लिए क्या तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी सिनेटर जॉन मैकेन के हालिया दौरे के बारे में उन्होंने कहा कि यह एक गुडविल मीटिंग थी। इस बीच, बांडीपोरा जिले के तहत गुरेज सेक्टर में शनिवार को शुरू हुआ तलाशी अभियान रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। सेना के जवान मुठभेड़ में घायल होने के बावजूद बच निकलने में कामयाब रहे चार-पांच आतंकियों को तलाश रहे हैं। शनिवार को गुरेज सेक्टर के बग्तूर इलाके में सीमा पार से लगभग 17 आतंकियों के दो गुटों ने दो रबर किश्तियों की मदद से भारतीय इलाके में घुसपैठ का प्रयास किया था। इस घुसपैठ को नाकाम बनाते हुए एक लेफ्टिनेंट शहीद और दो अन्य जवान जख्मी हुए, जबकि 12 घुसपैठिए मारे गए हैं। हसनैन ने बताया कि सूत्रों ने नजदीकी जंगल में एक ठिकाने का पता दिया है। वहां से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। वहां ताजा खून के धब्बे भी पाए गए हैं। हमारे जवान उन धब्बों के आधार पर आतंकियों का पीछा कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि वहां दो-तीन आतंकी और हो सकते हैं। मुठभेड़ के दौरान पांच आतंकी बच निकलने में कामयाब रहे हैं। ये आतंकी एलओसी के इस तरफ जंगल में छिपने में कामयाब रहे हैं। शनिवार देर रात भी उनकी जवानों के साथ गोलीबारी हुई है। घुसपैठ की पहले से थी सूचना कश्मीर स्थित सेना की 15वीं कोर के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने रविवार को अक्टूबर माह तक सीमा पार से घुसपैठ की विभिन्न कोशिशों की आशंका जताते हुए कहा कि हमें गुरेज घुसपैठ की पहले से ही सूचना थी। आतंकी इस समय पूरी तरह हताश हैं। आतंकी कोई भी बड़ी गलती कर सकते हैं, जिसका हम पूरा फायदा उठाएंगे। हसनैन ने कहा कि इस साल हमने घुसपैठ के सभी परंपरागत रास्तों को करीब-करीब बंद कर दिया था। उसके बाद हमें इस बात की पहले से ही आशंका थी कि आतंकी कोई नया रास्ता या कम से कम इस्तेमाल किए गए इलाकों को चुन सकते हैं। जीओसी ने कहा कि किशनगंगा दरिया कई जगह नियंत्रणण् रेखा के दोनों तरफ है। इसके किनारे पर कई लांचिंग पैड भी हैं। हमें अपने विभिन्न स्रोतों और नेटवर्क से पहले ही इस बात की भनक लग चुकी थी कि घुसपैठिए इस रास्ते से घुसपैठ करेंगे। अलबत्ता, हसनैन ने इस बात से साफ इंकार किया कि घुसपैठ के बारे में पाकिस्तानी सेना से उन्हें किसी तरह की कोई भी सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, हमारा उनके साथ आतंकवाद के मुद्दे पर कोई साझा तंत्र या सहयोग नहीं है। अगर होता तो मैं सबसे पहले इसका खुलासा करता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना तो यहां छद्म युद्ध जारी रखे हुए हैं। घुसपैठ की नाकाम कोशिश जम्मू, एजेंसी : सेना ने पुंछ में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी है। घटना में एक आतंकवादी मारा गया, जबकि एक घायल है। 16 कॉ‌र्प्स के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि शनिवार-रविवार की रात लगभग एक बजे जिले के कृष्णागति उपसेक्टर के बाल्नोई में चार सशस्त्र आतंकवादियों की गतिविधियों की जानकारी मिली। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को चुनौती दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया, जबकि एक घायल हो गया। अधिकारी के मुताबिक अन्य दो आतंकवादी भाग गए। रात में आतंकवादी मृत आतंकवादी का शव अपने साथ पाकिस्तान ले गए। सुरक्षा बलों ने शनिवार को घाटी के गुरेज में 12 आतंकवादियों को मार गिराकर इस साल की सबसे बड़ी घुसपैठ साजिश विफल कर दी थी। इस अभियान में एक अधिकारी की मौत हो गई थी।


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