Friday, August 12, 2011

ओसामा को पनाह के बदले सऊदी अरब ने पाकिस्तान को दी थी मोटी रकम


पाकिस्तान ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को पनाह देने के बदले सऊदी अरब से बड़ी रकम ली थी। उसके सुरक्षाबल और खुफिया एजेंसी में शामिल कुछ नापाक तत्वों ने अमेरिका की आंखों में धूल झोंकते हुए हजारों मासूमों की हत्या के लिए जिम्मेदार ओसामा को छिपाकर रखा था। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ के अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञ रेलेन हिलहाउस ने सूत्रों से प्राप्त कई साक्ष्यों के आधार पर तैयार रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। पूर्व प्राध्यापक हिलहाउस स्मगलर भी रह चुकी हैं। उन्होंने अपने ब्लॉग पर लिखा है, मेरे सूत्रों ने बताया है कि मुखबिर ने अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी थी कि सऊदी सरकार ओसामा को छिपाने के लिए पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आइएसआइ को भुगतान करती थी। इसके एवज में लादेन को एबटाबाद में सुरक्षित नजरबंद रखा गया था। जहां आइएसआइ व उच्च सैन्य अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि एबटाबाद में पाकिस्तान की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों को भी सहयोग के बदले धन देने का प्रस्ताव दिया था। हिलहाउस को उनके सैन्य सूत्रों से संबंधों के लिए जाना जाता है। ऐसे सूत्र जिनके पास अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए की भी सूचनाएं रहती हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान ने ओसामा को मारने के लिए अमेरिका को अपने देश में गुप्त मिशन की इजाजत दे दी थी। जिसे बाद में यह कहकर दबा दिए जाने की योजना थी कि ओसामा अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। मगर अमेरिका की योजना तब पलट गई जब सील कमांडो के एकहेलीकॉप्टर में खराबी आने के कारण उसे नष्ट कर दिया गया। इनामी राशि की वजह से पता चला ओसामा का ठिकाना उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका ने आनन-फानन में ओसामा की हत्या इसलिए करवाई क्योंकि उसे डर था कि कहीं अलकायदा प्रमुख के सिर पर रखा गया ढाई करोड़ डॉलर (करीब 113 करोड़ रुपये) का ईनाम किसी को देना न पड़ जाए। आइएसआइ के एक खुफिया अधिकारी को ओसामा के ठिकाने के बारे में पता चल गया था और उसने यह खबर अमेरिकी अधिकारियों को दी भी। इसके बाद उसे 113 करोड़ रुपये देने पड़ते। अधिकारी ने अमेरिकी नागरिकता की भी मांग की थी।

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