: कश्मीर स्थित सेना की 15वीं कोर के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने रविवार को अक्टूबर माह तक सीमा पार से घुसपैठ की विभिन्न कोशिशों की आशंका जताते हुए कहा कि हमें गुरेज घुसपैठ की पहले से ही सूचना थी। आतंकी इस समय पूरी तरह हताश हैं और वह कोई भी बड़ी गलती कर सकते हैं, जिसका हम पूरा फायदा उठाएंगे। वह यहां गुरेज मुठभेड़ में शनिवार को शहीद हुए लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को सैन्य सम्मान के साथ उसके घर भेजने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने गुरेज में दरिया के रास्ते किश्ती में बैठ घुसपैठियों की आमद पर कहा कि इस साल हमने घुसपैठ के परंपरागत रास्तों को लगभग बंद कर दिया था। उसके बाद हमें इस बात की पहले से ही आशंका थी कि आतंकी कोई नया रास्ता या वह इलाका चुन सकते हैं, जिसका उन्होंने कम से कम इस्तेमाल किया है। जीओसी ने कहा कि किशनगंगा दरिया कई जगह एलओसी के दोनों तरफ है। इसके किनारे पर कई लांचिंग पैड भी हैं। हमें अपने विभिन्न स्रोतों और नेटवर्क से पहले ही इस बात की भनक लग चुकी थी कि घुसपैठिए इस रास्ते से घुसपैठ करेंगे। अलबत्ता, उन्होंने इस बात से इंकार किया कि घुसपैठ के बारे में पाकिस्तानी सेना से उन्हें कोई सूचना थी। उन्होंने कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, हमारा उनके साथ आतंकवाद के मुद्दे पर कोई साझा तंत्र या सहयोग नहीं है। अगर होता तो मैं सबसे पहले इसका खुलासा करता। वह तो यहां छद्म युद्ध जारी रखे हुए हैं।
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