Tuesday, August 16, 2011

बातचीत के लिए आगे आएं अलगाववादी


श्रीनगर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को फिर अलगाववादियों से बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए बातचीत की प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहयोग का यकीन दिलाते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंध ही दोनों मुल्कों के बीच सभी राजनीतिक मुद्दों के सर्वमान्य हल का रास्ता बनाएंगे। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए कहा कि मानवाधिकारों का संरक्षण हर कीमत पर होगा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य के लोगों के नाम अपने संदेश में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है। राज्य के अंदर भी संबंधित पक्षों से बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने अलगाववादियों से कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर की सियासी समस्याओं के समाधान का हिस्सा बनना चाहिए। पूरे उपमहाद्वीप में बदलते राजनीतिक परिवेश में आप लोगों को सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में अपना सकारात्मक योगदान देना होगा। हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित सभी सीबीएम को लागू कराने व उन्हें मजबूत बनाने के लिए प्रयास करेगी। मौजूदा क्रॉस एलओसी ट्रेड जो अभी बार्डर है, को नकद लेन-देन के जरिये निपटाने और इसके लिए बैंकिंग व संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने सरकार संभालते हुए सभी राजनीतिक और विकास संबंधी मामलों पर काम करने का यकीन दिलाया था। कई बार कहा है कि विकास किसी भी राजनीतिक समस्या का हल नहीं हो सकता। राजनीतिक मुद्दों का राजनीतिक हल ही तलाशा जाना चाहिए। हम कश्मीर समस्या के सियासी हल के लिए काम कर रहे हैं। यह लंबी प्रक्रिया है, जिसके पूरा होने तक विकास की उपेक्षा नहीं कर सकते। मानवाधिकार हनन के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।


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