मेरठ पाकिस्तानी नागरिक कामिल उर्फ कमर मोहम्मद को मंगलवार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। सात महीने चली लंबी जांच के बाद पुलिस ने उसे पाकिस्तानी ही माना। वह पिछले 18 सालों से अवैध तरीके से मेरठ समेत देश के कई हिस्सों में रह रहा था। फिंगर प्रिंट रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार को आर्मी इंटेलीजेंस के सहयोग से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उसके आइएसआइ और अल कायदा कनेक्शन तलाशने में जुट गई हैं। खैरनगर की डॉक्टर सेन वाली गली में रहने वाले कामिल उर्फ कमर को इससे पहले सेना और पुलिस की खुफिया टीम ने 26 दिसंबर 2010 को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। तब उसे बेकसूर बताते हुए छोड़ दिया गया था। हालांकि 31 दिसंबर 2010 को दैनिक जागरण ने पुख्ता सबूतों के आधार पर दावा किया था कि कामिल पाकिस्तानी नागरिक है और पाक के लिए खुफिया सूचनाएं इकठ्ठी करता है। समय लगा, लेकिन यह दावा सच निकाला। मंगलवार को डीआइजी प्रेम प्रकाश ने माना कि कामिल पाकिस्तान का ही रहने वाला है। वह अवैध रूप से मेरठ में रह रहा था। वह मूलरूप से पाकिस्तान के लाहौर शहर स्थित मकान नंबर 95 एफ चौक रंगमहल का बाशिंदा है। वर्ष 1990 में कमर 15 दिन के वीजा पर अटारी रेलवे स्टेशन के रास्ते भारत आया। दूसरी बार वह 17 जनवरी 1991 को तीन महीने के वीजा पर भारत आया और लौट गया। हालांकि खुफिया सूत्रों के अनुसार वह तीसरी बार 1993 में भारत आया। इस बार उसने अपने ठहरने के स्थानों में दिल्ली व मुंबई के पते दिए। खुफिया सूत्रों के अनुसार इसके बाद कमर मेरठ आ गया
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