Tuesday, August 9, 2011

पंचों को उठा ले गए आतंकी


: पंचायत चुनाव प्रक्रिया की सफलता से हताश आतंकियों ने सोमवार रात पुलवामा जिले में मस्जिद से दो पंचों को अगवा कर लिया। पुलिस ने पंचों का पता लगाने के लिए अभियान छेड़ दिया है। जानकारी के अनुसार पुलवामा के अबहामा गांव के दो पंच गुलाम मोहम्मद वग्गे और कासिम घोरसी स्थानीय मस्जिद में देर शाम नमाज अता कर रहे थे। उसी समय गांव में स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों का एक दल आया। आतंकियों ने वग्गे और कासिम के बारे में पूछताछ की। इसके बाद आतंकी मस्जिद में पहुंचे और दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए अपने साथ जंगल में ले गए। उसके बाद से ही दोनों पंच लापता हैं। एसएसपी पुलवामा अमित कुमार ने कहा कि हम दोनों अगवा पंचों की तलाश में जुटे हैं। स्थानीय लोगों से मिले सुरागों के आधार पर तलाशी अभियान छेड़ा हुआ है। उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द मुक्त करा लेंगे। जून में संपन्न हुए पंचायती चुनाव प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के लिए आतंकियों ने छह पंच-सरपंच उम्मीदवारों पर जानलेवा हमला करने के अलावा एक महिला पंच समेत दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।

दैनिक जागरण, जम्मू  संस्करण, 10-08-2011
��%� ��P�y��y��ा। हालांकि खुफिया सूत्रों के अनुसार वह तीसरी बार 1993 में भारत आया। इस बार उसने अपने ठहरने के स्थानों में दिल्ली व मुंबई के पते दिए। खुफिया सूत्रों के अनुसार इसके बाद कमर मेरठ आ गया

दैनिक जागरण, राष्ट्रीय़ संस्करण, 10-8-2011


��ह �w ��P�y��yिया है कि कमांडर इन चीफ परेश बरूआ भी तीन दशक से चले आ रहे संघर्ष का समाधान चाहते हैं। एक साक्षात्कार में राजखोवा ने कहा, उल्फा में किसी तरह का विरोध है। यह सिर्फ मीडिया ही है जो कहती है कि संगठन के एक धड़े का नेतृत्व परेश बरुआ कर रहे हैं और दूसरे धड़े का नेतृत्व अरविंद राजखोवा। राजखोवा ने कहा कि हमारे संगठन का प्रधान सेनापति होने के नाते बरुआ संभवत: सैन्य समाधान चाहते हैं और अध्यक्ष होने के नाते मैं राजनीतिक समाधान चाहता हूं लेकिन हम दोनों इस संघर्ष का समाधान चाहते हैं। मैं बरूआ के संपर्क में हूं।



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