: केरल में एनआइए द्वारा जांच किए गए आतंकवाद से जुड़े मामले के पहले फैसले में अदालत ने लश्कर ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकवादी टी नसीर और एक अन्य व्यक्ति को कोझीकोड में 3 मार्च, 2006 को हुए दोहरे विस्फोट मामले में दोषी ठहराया। एनआइए के मामलों की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआइ अदालत ने हालांकि दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। न्यायाधीश एस. विजय कुमार ने कहा कि अब्दुल हलीम को जहां संदेह का लाभ मिला, वहीं सी यूसुफ के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। दोषियों की सजा की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी। अदालत ने कहा कि नसीर और शफास के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे और वे कोझीकोड विस्फोटों के मामले में दोषी पाए गए हैं। इस घटना में दो पुलिसकर्मी और एक पोर्टर घायल हो गए थे। नसीर साल 2008 में बेंगलूर में हुए विस्फोटों के मामले में भी आरोपी है।
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