लिए संविधान संशोधन जरूरी : उल्फा
बातचीत के नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो : असम के उग्रवादी संगठन उल्फा के साथ शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री के स्तर पर शांति वार्ता शुरू हो गई। इस दौरान उल्फा नेताओं ने सकारात्मक नतीजे तक पहुंचने के लिए संविधान में संशोधन को जरूरी बताया है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया है कि अब तक बातचीत का विरोध कर रहा उनके संगठन का मुख्य कमांडर परेश बरुआ भी जल्दी ही इस वार्ता प्रक्रिया में शामिल हो जाएगा। केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के अलावा असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की मौजूदगी में हुई इस बैठक के दौरान उल्फा नेताओं ने अपना मांगपत्र सौंपा। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि असम के मूल वासियों की पहचान और भौतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संवैधानिक और राजनीतिक स्तर पर कई बदलाव और इंतजाम जरूरी होंगे। चिदंबरम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही उनकी भावनाओं को समझती हैं और इसे पूरा करने की दिशा में सक्रिय हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं, जो संविधान के तहत रह कर दूर नहीं की जा सकती। उल्फा नेताओं को यह भरोसा भी दिलाया गया है कि उनका वरिष्ठ सहयोगी अनूप चेतिया जल्दी ही भारत पहुंच जाएगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री गोगोई ने बातचीत को बहुत सकारात्मक बताया। संविधान में संशोधन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जरूरत हुई तो इसमें संशोधन किए जा ल्ल शेष पृष्ठ 2 पर
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