Tuesday, August 9, 2011

अमेरिका ने भारत को दिए राणा के खिलाफ सबूत


अमेरिका ने भारत को मुंबई हमले में सहयोग देने के आरोपी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा से जुड़े दस्तावेज और उसका इकबालिया बयान उपलब्ध कराया है। इन दस्तावेजों की मदद से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने में मदद मिलेगी। अमेरिकी न्याय विभाग ने भारत को राणा और डेविड हेडली के बीच टैप की हुई बातचीत, फोन रिकॉर्ड, व्यकतिगत डायरियां और ईमेल समेत अमेरिकी अधिकारियों द्वारा एकत्रित किए गए कई सबूत उपलब्ध कराए हैं। सूत्रों ने बताया कि एनआइए इन दस्तावेजों की जांच करते हुए राणा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने के लिए आधार तैयार कर रहा है। आरोप पत्र दाखिल करने के बाद संभावना व्यक्त की जा रही है कि एनआइए राणा के प्रत्यर्पण के लिए अदालती अनुमति का दबाव डाले क्योंकि मुकदमे के दौरान यहां राणा से पूछताछ की आवश्यकता होगी। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, भारत की अमेरिका में राणा तक पहुंच बनाने की कोई योजना नहीं है। पिछले महीने भारत और अमेरिका के बीच आंतरिक सुरक्षा संबंधी बातचीत के दौरान अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी फॉर होमलैंड सिक्यूरिटी जैन होल ल्यूट ने भारत के गृह सचिव आरके सिंह से कहा था कि अमेरिका राणा के खिलाफ मुकदमे में भारत के साथ सहयोग करेगा। ये दस्तावेज भारत और अमेरिका के बीच हुई परस्पर वैधानिक सहायता संधि के तहत दिए गए हैं। इन दस्तावेजों में भारत में राणा की यात्राओं के दौरान उसकी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी है। यह अब तक पता नहीं चल सका है कि अमेरिका ने राणा और हेडली के पाकिस्तान के सरकारी तंत्र और भारत के खिलाफ काम कर रहे आतंकवादी गुटों के साथ संबंधों के बारे में कितनी जानकारी साझा की है।



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