Saturday, August 20, 2011

जाली नोटों की कमाई पर पल रहे आतंकी


कोलकाता भारत में जाली नोटों को बेचकर होने वाली कमाई से पाकिस्तान में आतंकी पाले जा रहे हैं। पाकिस्तान से बांग्लादेश के जरिए भारतीय सीमा पार करके पहले जाली नोटों को बंगाल लाया जाता है, फिर बाद में महानगर के रास्ते देश के विभिन्न हिस्सों में इसे फैला दिया जाता है। इस कारोबार के जरिए भारत से मोटी रकम पड़ोसी देश के सौदागर बटोर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों को चलाने में किया जाता है। इस तरह के चौंकाने वाले तथ्य मंगलवार की रात महानगर से गिरफ्तार जाली नोटों के तस्करी गिरोह के सरगना रिआजुल शेख उर्फ करीम से पूछताछ में एसटीएफ अधिकारियों के हाथ लगे हैं। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक महानगर में जनवरी से अब तक 40 लाख रुपये के जाली नोट पुलिस ने जब्त किए हैं, जिसमें 15 से ज्यादा आरोपी को दबोच पाना संभव हो सका है। अधिकारी बताते हैं कि पूछताछ में सामने आया है कि पहले भारतीय जाली नोट बनाने के कारोबार से पाकिस्तानी खुफिया संगठन आईएसआई जुड़ा हुआ था, लेकिन इन दिनों पाकिस्तान में एकाधिक आतंकी संगठन नोट छापने के धंधे से जुड़ गए हैं। लिहाजा पहले की तुलना में अब पाकिस्तान में सौ से ज्यादा नोट छापने की मशीन चल रही है, जिससे छपकर तीन क्वालिटी का जाली नोट भारतीय बाजारों में आ रहा है। विभिन्न आतंकी संगठन इन दिनों अलग-अलग किस्म के नोट छापने के धंधे में लगे हैं और इससे होने वाले मुनाफे से पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को मजबूती मिल रही है। बेहतर क्वालिटी के नकली नोटों से चिंतित अधिकारी जानकारी के मुताबिक पहले की तुलना में अब 500 और 1000 रुपये के नोट की नकल करने में कई हद तक धंधेबाजों को सफलता मिली है। इसमें मंगलवार को जब्त नोट के बेहतर क्वालिटी ने अधिकारियों को अधिक चिंतित कर दिया है। एसटीएफ के इंस्पेक्टर बरिंदर सिंह कबरिवाल ने बताया कि मौजूदा समय में भारतीय बाजार में तीन किस्म के नोटों का धंधा चल रहा है, जो क्वालिटी के हिसाब बाजार में बेचे जा रहे हैं।



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