असम में स्वतंत्रता दिवस के दौरान तबाही मचाने के लिए उल्फा के वार्ता विरोधी गुट ने मणिपुर के उग्रवादी संगठन कांग्लाईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के साथ हाथ मिला लिया है। उल्फा के अधिकांश नेताओं और कैडरों के वार्ता के पक्ष में आने के बाद से परेश बरुवा गुट कैडरों की कमी से जूझ रहा है। बरुआ ने अपनी ताकत दिखाने के लिए पूर्वोत्तर के दूसरे उग्रवादी संगठनों की मदद ले रहा है। असम में उग्रवादी कार्रवाई की आशंका के बाद रात में रेल सेवा बंद कर दी गई है और दिन में भी पायलट इंजन को आगे भेजकर ट्रेन चलाई जा रही है। पूरे राज्य में सुरक्षाबलों को सतर्क कर दिया गया है और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। इसकी जानकारी पुलिस द्वारा गुवाहाटी में पकड़े गए केसीपी के नयन गुट के तीन कट्टर उग्रवादियों के गिरफ्तारी के बाद हुई।
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