Wednesday, May 25, 2011

26/11 के पीछे आइएसआइ व हाफिज सईद



मुंबई आतंकी हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की भूमिका पुख्ता हो गई है। 26/11 हमले को लेकर अमेरिकी अदालत में चल रही पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ सुनवाई में मुख्य आरोपी पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी ने मंगलवार को गवाही दी। 26/11 मामले में अपनी भूमिका स्वीकार चुके, अभियोजन पक्ष के गवाह हेडली ने कहा कि हमले की साजिश रचने में आइएसआइ, उसके संचालक मेजर इकबाल और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद ने मदद की और उसे जिहाद के लिए उकसाया। सईद ने उससे कहा कि जिहाद में शामिल होना सौ साल की इबादत के बराबर है। हेडली मौत की सजा से बचने के लिए राणा के खिलाफ गवाही देने को तैयार हुआ है। साजिश की शुरुआत : हेडली ने जज हैरी डी. लीननवेबर से कहा, आइएसआइ और लश्कर ने मिलकर साजिश रची। आइएसआइ ने ही लश्कर को वित्तीय और सैन्य सहायता दी। पाकिस्तान में सैनिक स्कूल से राणा के दोस्त रहे हेडली ने कहा कि मुंबई पर हमलों से दो साल पहले मेजर इकबाल से मिली 25 हजार डॉलर (करीब 11 लाख रुपये) की रकम से उसने साजिश का खाका बनाने पर काम शुरू कर दिया था। जब लश्कर नेताओं ने उससे भारत पर संभावित हमले के बारे में पूछा तो उसने इसमें शामिल होने की इच्छा जताई। उसने कहा, मैंने कहा कि मैं अपना नाम बदल लेता हूं और भारत में प्रवेश के लिए एक नया पासपोर्ट बनवा लेता हूं। इस आतंकी ने बताया कि उसने लश्कर के साथ एक दशक पहले ही पाकिस्तान में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। लश्कर संचालकों ने हेडली का चुनाव इसलिए किया क्योंकि वह अमेरिकी था, इस कारण लोग उस पर आसानी से संदेह नहीं करेंगे। हेडली ने बताया कि सईद और इकबाल के अलावा मेजर अब्दुर रहमान पाशा, जकी साब, साजिद मीर ने उसकी मदद की। अभियोजक सारा स्ट्राइकर ने जज लीननवेबर को बताया कि हेडली ने भारत के प्रमुख परमाणु संस्थान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) की टोह ली थी और वह मंुबई स्थित शिव सेना के मुख्यालय भी गया था। राणा शुरू से ही हेडली के नापाक मंसूबों से वाफिक था। हेडली डबल एजेंट : दूसरी ओर, राणा के वकील चार्ली स्विफ्ट ने अब्दुर रहमान पाशा और हेडली के बीच हुई वार्ता का एक टेप भी अदालत को सुनाया, जिसमें उसने राणा का मजाक उड़ाया है। स्विफ्ट ने कहा कि हेडली एक डबल एजेंट था, जो एक ही समय आइएसआइ, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए और ड्रग इंफोर्समेंट एडमीनिसट्रेशन (डीइए) के लिए काम कर रहा था।


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