अलकायदा के शीर्ष कमांडरों में एक इलियास कश्मीरी को ओसामा बिन लादेन का संभावित उत्तराधिकारी बनाए जाने की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी समाचार चैनल एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप में 26/11 जैसे हमलों की साजिश के पीछे कश्मीरी का ही दिमाग काम रहा है। उसने एक अमेरिकी पत्रकार से कहा था कि यूरोपीय देशों पर हमले जो साजिश उसने रची है उसके सामने 26/11 कुछ भी नहीं है। पाकिस्तान की सेना में कमांडो रह चुका कश्मीरी लंबे समय तक भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहा। वह हरकत उल जेहाद अल इस्लामी और लश्कर ए तैयबा जैसे संगठनों में अहम भूमिका निभा चुका है। 26/11 मामले में आरोपी तहव्वुर राणा के साथ उसके रिश्ते भी रहे। सोवियत सेना के खिलाफ अफगानिस्तान में चले युद्ध के दौरान ओसामा बिन लादेन के साथ उसने भी अफगान लड़ाकों को प्रशिक्षण दिया था। ऐसे में वह न केवल अमेरिका बल्कि भारत के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन सकता है। पिछले काफी समय से वह अलकायदा का ऑपरेशनल कमांडर बना हुआ है और अमेरिका सहित यूरोपीय देशों में हमलों की साजिश रच रहा है। समझा जाता है कि वह उत्तर वजीरिस्तान में छिपा है और कई बार तो ड्रोन की जद में आते-आते बचा। विशेषज्ञों की राय में अलकायदा प्रमुख के तौर पर अयमान अल जवाहिरी का ही दावा सबसे मजबूत है, लेकिन कश्मीरी को छिपा रुस्तम कहा जा सकता है। वैसे भी जवाहिरी संगठन में लोकप्रिय नहीं और आतंकी हमलों को अंजाम देने में कश्मीरी जितना माहिर भी नहीं। कहा यह भी जा रहा है कि जवाहरी अगर अलकायदा प्रमुख बन भी जाता तो भी सक्रिय रूप से कश्मीरी ही संगठन की कमान संभालेगा। वह 2007 से अलकायदा से जुड़ा हुआ है और इन वर्षो में संगठन को फिर से खड़ा करने के लिए उसने काफी काम किया। तहव्वुर हुसैन राणा और डेविड कोलमैन हेडली के साथ उसने कई यूरोपीय देशों का दौरा किया था, लेकिन इन दोनों के पकड़े जाने के बाद कश्मीरी ने कुछ दिनों के लिए हमलों को टाल दिया।
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