Friday, May 6, 2011

यमन में 'अमेरिकी लादेन' पर ड्रोन ने बरसाई आग


यमन में गुरुवार को हुई सैन्य कार्रवाई में अलकायदा के दो प्रमुख आतंकियों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ये दोनों यमन के सुदूरवर्ती इलाके में कार से जा रहे थे तभी हवाई हमले किए गए जिसमें इनकी मौत हो गई। खबर है कि हमले ड्रोन से किए गए थे। अमेरिका ने यमन में अब तक ड्रोन से हमले नहीं किए थे। यह पहली बार देखने में आया है कि जब यमन में अलकायदा की शाखा के खात्मे के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अरब प्रायद्वीप में अलकायदा की कमान संभाल रहा अमेरिकी नागरिक और यमनी मूल का आतंकी अनवर अल औलाकी ड्रोन के निशाने पर था। अभी तक भी मिली खबरों के अनुसार औलाकी इस हमले में बच निकला। यमन के रक्षा मंत्रालय ने दोनों अलकायदा नेताओं के मरने की पुष्टि करते हुए बताया कि मरने वाले आतंकियों की पहचान मुसाहिद और अब्दुल्ला मुबारक अल-दाघारी के रूप में हुई है और ये दोनों भाई थे। रक्षा मंत्रालय ने यह तो बताया कि दोनों उस जगह मारे गए जहां सेना की कार्रवाई जारी थी, लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी देने से इंकार कर दिया कि दोनों कैसे मारे गए। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने यह खुलासा नहीं किया कि जनक्रांति का सामना कर रही सालेह सरकार ने इस समय कार्रवाई क्यों की। अमेरिका ने भी इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक प्रत्यक्षदर्शी ने अपना नाम बताने से इंकार करते हुए कहा, श्वाबा प्रांत के अब्दान क्षेत्र से कार गुजर रही थी तभी एक मिसाइल उस पर आकर गिरी और तेज धमाके के साथ सब कुछ जल गया। यमनी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों भाई जो खतरनाक करार दिए जा चुके थे, को जब सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार करने की कोशिश की तो वे भागने लगे इसी दौरान उनको मार दिया गया। हालिया हुए बम धमाकों में यमनी प्रशासन ने दोनों को दोषी पाया था। वहीं घटनास्थल से पास में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने उस समय एक ड्रोन को देखा जब यह मारे जाने की घटना हुई। हालिया दिनों में इस क्षेत्र में ड्रोन देखे गए हैं। पाकिस्तान में सोमवार को अमेरिकी बलों द्वारा ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद यह हमला किया गया है। राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह और सालेह को तत्काल हटाए जाने पर आमादा लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच पिछले तीन महीने से चले आ रहे गतिरोध ने अब इसकी जगह ले ली है। अमेरिका और यमन का पड़ोसी देश सऊदी अरब चाहते हैं कि संकट का समाधान हो। मालूम हो कि यमन जो अलकायदा के खिलाफ अमेरिका का सहयोगी राष्ट्र है, ने जनवरी 2010 में उसकी (अलकायदा) यमन स्थित शाखा के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी थी। इसी क्रम में हुए हवाई हमलों में आतंकवादियों के साथ बहुत से नागरिक भी मारे गए हैं। वर्ष 2009 में बनी अलकायदा की यमन शाखा का यमनी और सऊदी शाखा में मर्जर हो चुका है। लादेन की जगह ले सकता है औलाकी लंदन, एजेंसी : ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद यमनी मूल के अमेरिकी नागरिक आतंकी अनवर अल औलाकी को उसके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। औलाकी को अमेरिकी लादेन के नाम से भी जाना जाता है। औलाकी इस समय अरब प्रायद्वीप में अलकायदा एक्यूएपी की शाखा की कमान संभाल रहा है। सन अखबार के मुताबिक 40 वर्षीय औलाकी ने एक स्टिंग आपरेशन में मुंबई के 26/11 कांड की तरह के हमलों का आह्वान किया था। वह हमेशा ही दहशतगर्दी की योजनाएं बनाने में व्यस्त रहता है। बताया जाता है कि औलाकी ने ही कथित रूप से 21 वर्षीय छात्र रोशोनारा चौधरी का ब्रेनवाश किया था। चौधरी ने इराक के खिलाफ युद्ध का समर्थन करने वाले लेबर पार्टी के सांसद स्टेफेन टिम्मस पर जानलेवा हमला किया था। औलाकी ने ही ब्रिटिश एयरवेज के कंप्यूटर कर्मचारी राजिब करीब (31) को विमान उड़ाने में मदद करने के लिए राजी किया था। राजिब इस वक्त जेल में है। पिछले साल कार्गो विमानों में बम धमाकों की साजिश के पीछे भी औलाकी का ही दिमाग काम कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को बुरी आदतों से दूर रहने का उपदेश देने वाला शादीशुदा औलाकी को सैन डिएगो में 1996 और 97 में वेश्याओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उसे जुर्माना किया गया था। कोलार्डो स्टेट यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते वक्त औलाकी 1993 में छुट्टियां बिताने अफगानिस्तान गया। वापस लौटने वह धार्मिक उपदेश देने के साथ ही जेहाद की वकालत करने लगा। कुछ ही दिनों बाद वह एक मस्जिद में इमाम हो गया। ब्रिटेन के गुप्तचरों के मुताबिक, अमेरिका के 9/11 कांड के साजिशकर्ताओं में रहे औलाकी ने 2002 में ब्रिटेन छोड़ दिया था। इससे पहले अमेरिका के जॉनएफ कैनेडी एयरपोर्ट पर औलाकी को एफबीआई ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद सऊदी अरब और फिर यमन चला गया। इस समय वह यमन में रहकर ही गतिविधियां चला रहा है। चेचन्या में अलकायदा का आतंकी ढेर मास्को : रूस के सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन अलकायदा के शीर्ष आतंकवादी को मार गिराया है। समाचार एजेंसी एकेआई के मुताबिक रूस की राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी समिति ने कहा कि मारे गए आतंकवादी डोगर सेवडेट को अब्दुल्ला कुर्द के नाम से भी जाना जाता था। वह तुर्की का रहने वाला था और चेचन्या के विद्रोहियों के साथ मिलकर काम कर रहा था। सोवियत संघ के विघटन के बाद वर्ष 1991 में सेवडेट उत्तरी काकेसश प्रांत में चला गया और इस क्षेत्र में वह अलकायदा का मुख्य आतंकवादी बन गया था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसों के लेन-देन में शामिल था। रूस में दो सप्ताह पहले अलकायदा के अन्य शीर्ष आतंकवादी मोगानेद को मार गिराया गया था। वह सऊदी अरब का रहने वाला था। ब्रिटेन पर मुंबई जैसे हमले की धमकी लंदन, एजेंसी : अनवर-अल-औलाकी ने ब्रिटेन पर मुंबई हमले की तर्ज पर आतंकी हमले की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि ओसामा की मौत का बदला लेने के लिए उसने ब्रिटेन को दहलाने की धमकी दी है। दुनिया के सर्वाधिक वांछित आतंकियों में से एक औलाकी अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले की साजिश में शामिल था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए ने उसे जिंदा या मुर्दा गिरफ्तार करने वालों की सूची में डाल रखा है। ब्रिटिश अखबार द सन को भेजे ई-मेल में उसने कहा है, तुमने जिस तरह से अमेरिकी ऑपरेशन में सहयोग किया है उसका खामियाजा तुम्हें बमबारी के रूप में चुकाना होगा। हम भीड़भाड़ वाली जगहों पर नरसंहार करेंगे। उसके संदेश से लगता है कि उसकी योजना मुंबई पर 2008 में हुए हमले को दोहराने की है। इस हमले में 164 लोगों की मौत हो गई थी। औलाकी की मेल से यह भी प्रतीत होता है कि ओसामा के बाद वह अलकायदा का वैश्विक नेता बनना चाहता है।


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