Tuesday, May 3, 2011

ओसामा के जीवन पर एक नजर


दुनिया के सबसे बड़े आतंकी संगठन का सरगना और अमेरिका का दुश्मन नंबर एक ओसामा बिन लादेन को मार दिया गया है। 2001 में व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद से अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा था। पूरी दुनिया में सबसे बड़ा आतंकी ओसामा बिन लादेन आतंकवाद का पर्याय बन चुका था। जिसने जिहाद का नारा देकर पूरी दुनिया में दहशत का माहौल पैदा किया –
 जन्म : 10 मार्च 1957
पूरा नाम : ओसामा बिन मोहम्मद बिन अवाद बिन लादेन
जन्म स्थल: रियाद
देश: सऊदी अरब
लंबाई: 6 फुट 4 इंच से 6 फुट 6इंच
वजन: करीब 73 किलो
शारीरिक गठन: दुबला-पतला
अन्य नाम: द प्रिंस, द शेख, अल अमीर, अबु अब्दुल्ला, शेख अल मुजाहिद , लॉयन शेख, द डायरेक्टर
पहचान: बाएं हत्था ओसामा छड़ी के सहारे चलता था
ईनामी राशि: 1998 में अमेरिकी दूतावासों पर बम विस्फोट और 2001 में न्यूयॉर्क स्थित व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर पर हमले के आरोपों के चलते अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआइ 10 सबसे भगोड़े अपराधियों और मोस्ट वांटेड आतंकी घोषित किया - एफबीआइ ने उसके सिर पर 2.5 करोड़ डॉलर के ईनाम की घोषणा कर रखी थी
बचपन - ओसामा बिन लादेन सऊदी अरब की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक मोहम्मद बिन लादेन का बेटा था 
-इस कंपनी ने सऊदी अरब की 80 फीसदी सड़कों का निर्माण कराया था
-मोहम्मद बिन लादेन के सऊदी अरब के शाही परिवार से घनिष्ठ संबंध थे
- मोहम्मद बिन लादेन ने कई शादियां की थीं और उनके 52 बच्चे में से ओसामा 17वें थे
-ओसामा की मां का नाम हमीदा था जो मोहम्मद की 10वीं बीवी थीं। वह अपनी मां का इकलौता बेटा था
-उसके जन्म के कुछ समय बाद उसके माता-पिता में तलाक हो गया। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली
-ओसामा के पिता की मृत्यु 1968 में एक विमान दुर्घटना में हो गई थी। विमान उड़ा रहे अमेरिकी पायलट की वजह से वह हादसा हुआ था
-लादेन परिवार के मुखिया और ओसामा के सौतेले बड़े भाई सलेम की मौत भी 1988 में विमान दुर्घटना में हो गई थी। इन दोनों मौतों का उसकी जिंदगी पर गहरा प्रभाव पड़ा
शिक्षा- ओसामा बचपन में शर्मीले स्वभाव का था और पढ़ने-लिखने में औसत छात्र था। यद्यपि उसकी शिक्षा के संबंध में अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं लेकिन आमतौर पर माना जाता है कि उसने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी
शादियां -17 साल की उम्र में उसकी पहली शादी हुई थी। इसके अलावा उसने चार शादियां और भी की थीं। जिनसे उसके कम से कम 23 बच्चे हैं
धार्मिक झुकाव - कविताएं लिखने के शौकीन ओसामा का झुकाव शुरू से ही धार्मिक विषयों की ओर था। सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला अजीज विश्र्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान वह कट्टरपंथी इस्लामी शिक्षकों और छात्रों के संपर्क में आया
-वह कुरान और जिहाद की व्याख्या करने के साथ उसका झुकाव इस्लामिक कट्टरपंथ की तरफ बढ़ता गया
-उसका मानना था कि मुस्लिम जगत का कल्याण प्रभावी ढंग से शरियत कानून लागू करके ही किया जा सकता है
-उसने लोकतंत्र, समाजवाद, साम्यवाद, और पैन-अरब (संपूर्ण अरब जगत का एकीकरण) जैसी सभी विचारधाराओं का विरोध किया
-अफगानिस्तान में मुल्ला उमर के तालिबान शासन को उसने मुस्लिम जगत में एकमात्र इस्लामिक देश कहा
-उसकी विचारधारा का सबसे खतरनाक पहलू यह था कि उसने आम नागरिकों, महिलाओं एवं बच्चों को निशाना बनाने का भी समर्थन किया
मुजाहिदीन जीवन- दिसंबर 1979 में जब सोवियत संघ ने अफगानिस्तान पर हमला किया तो ओसामा ने आरामदायक जिंदगी छोड़कर अफगानिस्तान में मुजाहिदीन के साथ हाथ मिलाया और शस्त्र उठा लिए
-ये मुजाहिदीन मुस्लिम लड़ाके थे जिनका मकसद सोवियत संघ को अफगानिस्तान से निकाल फेंकना था
-उसी दौर में ओसामा की अफगानिस्तान में मुलाकात अपने गुरू अब्दुल्ला आजम से हुई जो फलस्तीनी इस्लामिक विद्वान था और उस दौर में मुजाहिदीनों का नेता था। आजम की जिहाद की अवधारणा से ओसामा प्रभावित हुआ
-1984 में ओसामा ने आजम के साथ मिलकर मकतब अल-खिदमत संगठन बनाया। यह संगठन अफगान युद्ध के लिए अरब जगत से लड़ाको की भर्ती, पैसा और हथियारों की खरीद फरोख्त की व्यवस्था करता था
-उसी दौर में उसने फौजी जैकेट पहननी शुरू की। वह अपने साथ एक सोवियत राइफल हमेशा रखता था। माना जाता है कि ओसामा ने निहत्थे हाथों से एक रूसी सैनिक को मारकर यह राइफल छीनी थी। यह राइफल वह अपनी विजय के प्रतीक के रूप में रखता था
अमेरिका है इस भस्मासुर का जन्मदाता- शीत युद्ध के उस दौर में कम्युनिस्ट सोवियत संघ से लड़ने के लिए अमेरिका गुप्तचर संस्था ने अफगान मुजाहिदीनों को हथियार और धन देकर मदद की। यह अमेरिका का ही मुजाहिदीनों को जबर्दस्त समर्थन था, जिसकी वजह से 1989 में सोवियत संघ को अफगानिस्तान छोड़कर जाना पड़ा। उस दौर में ओसामा बिन लादेन, मुल्ला उमर जैसे लोगों के सीआइए के साथ नजदीकी संबंध थे अलकायदा के आतंक की खूनी दास्तां अदन होटल बम विस्फोट ओसामा के इशारे पर अलकायदा ने 1992 में अपनी पहली आतंकी कार्रवाई को अंजाम दिया। उसने अदन (यमन) के एक होटल में बम विस्फोट किया। इस विस्फोट में दो लोग मारे गए। इस आतंकी कार्रवाई के बाद से ही अलकायदा ने मासूम लोगों को निशाना बनाना शुरू किया
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला(1993)-  रम्जी युसूफ नामक आतंकी ने न्यूयॉर्क स्थित व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर एक ट्रक में बम रखकर विस्फोट कर दिया। वह सेंटर के दोनों टावरों की बुनियाद को नष्ट करना चाहता था ताकि यह सेंटर भरभरा कर गिर जाए। उसको उम्मीद थी कि इस हमले में काफी लोग मारे जाएंगे। हालांकि इमारत की बुनियाद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और केवल छह लोग ही मारे गए
अमेरिकी दूतावासों पर हमला (1998) -पूर्वी अफ्रीका के देशों तंजानिया और केन्या स्थित अमेरिकी दूतावासों में सीरियल बम विस्फोट किया गया। इस आतंकी कार्रवाई में 300 से भी ज्यादा लोग मारे गए। इस हमले के बाद पहली बार ओसामा अमेरिका की निगाह में आया। अमेरिकी गुप्तचर संस्था एफबीआइ ने उसको 10 सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल किया
यूएसएस कोल पर हमला (2000)-  यमन में अमेरिकी नौसैनिक बेड़े यूएसएस कोल पर आत्मघाती हमला किया गया। 17 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 39 लोग घायल हो गए
व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला (11 सितंबर 2001)- अमेरिकी इतिहास में सबसे गंभीर आतंकी हमला था। अलकायदा ने चार विमानों को हाईजैक कर लिया। उनमें से दो विमानों को व‌र्ल्ड टे्रड सेंटर के दोनों टॉवरों से टकरा दिया गया। तीसरा विमान पेंटागन के करीब और चौथा पेंसिलवेनिया के निकट गिरा। विमान में सवार कोई भी यात्री नहीं बचा और व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर के टॉवर ढहने से करीब 3000 लोग मारे गए। ओसामा ने इस आतंकी कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा कि यह हमला अमेरिका द्वारा मुस्लिम जगत पर किए जा रहे अत्याचारों का बदला है। अमेरिकी शक्ति और समृद्धि के प्रतीक इन टॉवर का ढहना जरूरी था।

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