Wednesday, May 4, 2011

सैय्यद अली गिलानी ने की ओसामा की मौत की निंदा


अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत पर ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैय्यद अली शाह गिलानी ने मंगलवार को अमेरिका को आडे़ हाथ लेते हुए उसे इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया। उन्होंने ओसामा को समुद्र में दफनाए जाने को एक शैतानी कृत्य कहा। गिलानी ने ओसामा को इस्लाम का शहीद करार देते हुए कहा कि वह हक और इंसाफ के लिए लड़ रहा था। दुश्मन को मारे जाने पर उसे उसके मजहब के मुताबिक ही सभी रस्मों को पूरा कर जलाया या दफनाया जाना एक सभ्य समाज का नैतिक कर्तव्य माना जाता है। अमेरिका ने जिस तरह ओसामा को समुद्र के बीच दफनाया है, उससे साफ है कि ताकत के नशे में चूर होकर कोई आदमी या मुल्क कितना नीचे गिरकर शैतानों को भी मात देने वाला काम कर सकता है। खुद को लोकतंत्र और मानवाधिकारों का संरक्षक बताने वाले मुल्क का यह शैतानी काम पूरी मानवजाति को शर्मिदा करने वाला है। गिलानी ने कहा कि ओसामा ने कश्मीर, फिलिस्तीन, अफगानिस्तान समेत विभिन्न जगहों पर मुस्लिमों पर अत्याचार होते देखे। इसलिए उसने जेहाद का रास्ता चुना। उसने अपनी जिंदगी के सभी ऐशो आराम छोड़ दिए और वह मजलूमों के लिए लड़ने लगा। वह इस्लाम और मुसलमानों के लिए शहीद हुआ है। जब तक इंग्लैंड, अमेरिका, इजरायल और भारत की मुसलमानों के प्रति नीति नहीं बदलेगी और वह उन्हें उनका हक नहीं देंगे, दुनियाभर में समय समय पर इन मुल्कों के खिलाफ जद्दोजहद होती रहेगी|

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