Thursday, May 5, 2011

दुनिया की सबसे खतरनाक जगह पाकिस्तान!


अब अमेरिका को अपने दुश्मनों की तलाश के लिए अफगानिस्तान की धूल फांकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लड़ाई का केंद्र अब पाकिस्तान की धरती होने जा रही है, वह भी बहुत जल्द। अब यह परिस्थिति पाकिस्तान के दरवाजे पर ही नहीं, घर के भीतर आ घुसी है। इस तरह पाकिस्तान दुनिया का वह सबसे खतरनाक मुल्क बन जाएगा, जहां ऊपर से अमेरिकी मारेंगे और भीतर से वह जेहादी मानसिकता वाली फौज, जिसकी पैदाइश भी इसी खतरनाक धरती की रही है..भीतक किसी पाकिस्तानी हुक्मरान ने बहुत विस्तार से ऐसा कुछ भी नहीं कहा, जिसे पाकिस्तान की तरफ से आधिकारिक बयान का दर्जा दिया जा सके कि दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवादी (जिसके सिर पर 25 मिलियन डालर का इनाम था) ओसामा बिन लादेन के इस्लामाबाद के ही करीब 50 किलोमीटर दूरी पर छिपे होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और न ही यह कहा गया है कि जानकारी थी। दरअसल, पाकिस्तानी शासकों की स्थिति बगलें झांकने जैसी है। क्या अमेरिकी इतने बड़े मूर्ख हैं? क्या वे नहीं जानते कि किसी भी व्यक्ति के किसी घर में रहने के लिए रोजमर्रा की साधारण वस्तुएं भी चाहिए होती हैं? दूध, फल-सब्जी से लेकर ओसामा बिन लादेन जैसे बीमारियों से घिरे हुए व्यक्ति को लगातार डाक्टरी इलाज की जरूरत होती है। इस प्रकार की जरूरतें पूरी करने के चक्कर में बड़े से बड़ा आदमी आम लोगों की नजरों में आए बिना नहीं रह सकता। क्या मिलिट्री अकादमी से 80 गज की दूरी पर रह रहे हर व्यक्ति की गतिविधि को आईएसआई ऐसे ही नजरअंदाज करती होगी? फिर तो उसे खुफिया एजेंसी कहना ही फिजूल है। जो आईएसआई पाकिस्तान से संचालित आतंकवाद को कश्मीर के कोने-कोने तक नियंत्रित करती है, जो भारत की संसद के अभे सुरक्षा चक्र को ध्वस्त कराके वहां हमला करवाने जैसा खेल रच सकती है, जो मुंबई को बंधक बनाने के लिए मात्र एक दर्जन लोगों से इतना बड़ा कांड करवा सकती है कि तीन दिन तक भारत जैसे देश को सामान्य स्थिति लाने के लिए बड़ी ताकत मुंबई में झोंक देनी पड़े, ऐसी खतरनाक एजेंसी अपने घर की सुरक्षा के मामले में इतनी लापरवाह तो नहीं हो सकती। इसलिए भी नहीं हो सकती, क्योंकि वह स्वयं साजिश रचने में विशेषज्ञ है और उसे पता है कि उसके खिलाफ साजिश रचने वाले क्या-क्या हथकंडे अपना सकते हैं। हां, यदि पता ही है कि वहां कोई और नहीं अपने देश में डालरों की बरसात करवाने वाला ओसामा रहता है तो आंखें बंद करने में किसे कोई परेशानी हो सकती थी?

अमेरिकी कम से कम पाकिस्तानियों के हाथों इतने बड़े मूर्ख बन जाएं, ऐसा भी नहीं है। लादेन कांड के पटाक्षेप के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का पाकिस्तान की यात्रा रद्द करने का फैसला, पाकिस्तान में चल रहे समस्त अमेरिकी दूतावासों व कंसुलेट आदि को बंद कर देना और अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों द्वारा खुलकर पाकिस्तान के ढोंग पर कड़े शब्द-वार करने का सीधा अर्थ निकलता है कि जहां पहले पाकिस्तान अपनी मुसीबतों व पैदा किए भस्मासुरों के हमलों से परेशान और हताहत था, उसे अब सीधे-सीधे अमेरिकी हमले झेलने के लिए तैयार हो जाना चाहिए। अमेरिकी सरकार को ओसामा के पाकिस्तान में होने और मारे जाने के बाद कोई शंका नहीं रह गई है कि पाकिस्तान चोर से कहता रहा है कि चोरी करो और पुलिस को सावधान रहने की हिदायत भी देता रहा है। अमेरिका ने यदि पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी युद्ध में अपना सहयोगी माना था तो उसका कारण पाकिस्तान की सामरिक स्थिति है। बिना पाकिस्तान में एयरबेस बनाए अमेरिका अफगानिस्तान में अपनी जंग जारी नहीं रख पाता, लेकिन पाकिस्तान ने जो दोहरा खेल खेला है, उसका पर्दा तार-तार हो गया है। अमेरिकी अपने दुश्मनों की तलाश के लिए अफगानिस्तान में ड्रोन हमले करते रहें और जिनकी उन्हें तलाश है, वे पाकिस्तान में सुरक्षित-शांत जीवन जीते रहें, इसके पीछे पाकिस्तान का मकसद साफ जाहिर हो गया कि ओसामा जैसे आतंकवादी के जीवित होने की लटकती तलवार दिखाकर अमेरिकी डालरों के गफ्फे अपने अंदर किया जाता रह सके। 

मौजूदा स्थितियों में यह बात बहुत साफ होकर सामने आ रही है कि अब अमेरिका को अपने दुश्मनों की तलाश के लिए अफगानिस्तान की धूल फांकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लड़ाई का केंद्र अब पाकिस्तान की धरती होने जा रही है, वह भी बहुत जल्द। अब यह परिस्थिति पाकिस्तान के दरवाजे पर ही नहीं, घर के भीतर आ घुसी है, जिसके तहत पाक शासकों के आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का साथ देनेवाले फोके फायरों को अमेरिकी सधे फायर बनाने को मजबूर करेंगे। इस तरह पाकिस्तान दुनिया का वह सबसे खतरनाक मुल्क बन जाएगा, जहां ऊपर से अमेरिकी मारेंगे और भीतर से वह जेहादी मानसिकता वाली फौज, जिसकी पैदाइश भी इसी खतरनाक धरती की रही है।




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