Friday, May 6, 2011

भारत के लिए अल कायदा से ज्यादा घातक लश्कर


ओसामा बिन लादेन की मौत का बदला लेने की कसमें खा रहे लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद की हसरतों और अल कायदा कुनबे में अगुवाई को लेकर लश्कर की बेताबी ने भारतीय सुरक्षा हलकों में चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों का आकलन जहां लश्कर को इस दौड़ की अगली पांत में गिनता है वहीं प्रतिबंधों के बावजूद इसके वजूद और सरपरस्ती को लेकर फिक्रमंद है। दरअसल, भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजर में ओसामा बिन लादेन के अल कायदा और लश्कर-ए-तैयबा के बीच कोई अंतर नहीं है। लश्कर पर भारत का खुफिया डॉजियर कहता है कि इस आतंकी संगठन के अल कायदा और तालिबान से गहरे रिश्ते हैं। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के मनशेरा में पानोढेरी में मौजूद प्रशिक्षण केंद्र एक बार में पांच सौ लोगों के प्रशिक्षण देता है। आतंकवाद विशेषज्ञों के मुताबिक मुजफ्फराबाद, लाहौर, पेशावर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, कराची, मुल्तान, क्वेटा, गुजरांवाला, सियालकोट, गिलगिट समेत कई शहरों में लश्कर के दो हजार से ज्यादा भर्ती केंद्र और दफ्तर हैं। इसके अलावा लश्कर के आतंकियों से बरामद जानकारी के मुताबिक उसके पास आधुनिक हथियारों के साथ ही उन्नत संचार यंत्र भी हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक घाटी में फिरौती और संचार के लिए लश्कर के आतंकी वाइस इंटरनेट प्रोटोकाल का इस्तेमाल करते हैं, जिसके कारण मोबाइल फोन पर नंबर तक नहीं नजर आता। संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध के बावजूद जमात उद दवा, लश्कर समेत 19 अलग-अलग नामों से चल रहे इस आतंकी संगठन के कारोबार ने इसकी ताकत का एहसास कराया है। संयुक्त राष्ट्र में 2005 और पाकिस्तान में 2002 से प्रतिबंधित होने के बावजूद लश्कर का मुखिया हाफिज सईद ओसामा बिन लादेन की मौत पर शोक सभाएं आयोजित करता नजर आता है। भारत में सिमी, इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के सहारे आतंकवाद की आउसोर्सिग का मॉडल भी लश्कर विकसित कर चुका है। साथ ही भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की तैयारी में जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश और हरकत उल जिहाद अल इस्लामी (हूजी) के तार भी लश्कर से जुड़ते नजर आए हैं। वहीं मुंबई आतंकी हमले ने अमेरिका को भी अब यह मानने पर मजबूर कर दिया कि है कि लश्कर का विस्तार और पश्चिमी देशों को निशाना बनाने की उसकी हसरतें खतरे का सबब है। लश्कर आतंकियों ने मुंबई हमले में जहां इजरायलियों के लिए महत्वपूर्ण चाबाद हाउस और पश्चिमी पर्यटकों के पसंदीदा ताज होटल को निशाना बनाकर इसकी बानगी भी दे दी।


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