Wednesday, June 1, 2011

सबसे बड़े हमले के लिए 1200 फिदायीन तैयार


आतंक का पर्याय बन चुके ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने से बौखलाए सीमा पार के आतंकवादी आइएसआइ की शह पर अब अपनी हताशा भारत पर निकालने में जुट गए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन के 1200 प्रशिक्षित आतंकी घाटी में अभूतपूर्व लामबंदी और घुसपैठ कर पूरे देश में तबाही मचाने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। वहीं, लश्कर-ए-तैयबा भी अपनी गतिविधियां तेज कर रहा है। हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाउद्दीन के सेटेलाइट इंटरसेप्ट से पता चला है कि कश्मीर को सुलगाने और देश के अहम स्थानों पर बड़े आतंकी हमलों की अब तक की सबसे बड़ी साजिश रची गई है। इसके मद्देनजर देश का सुरक्षा तंत्र चौकन्ना हो गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अफ्रीकी देशों की यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले सलाहुद्दीन के इंटरसेप्ट से आतंकवादियों की दहलाने वाली साजिश का खुलासा हुआ। सूचना इतनी खतरनाक थी कि तत्काल ही न सिर्फ पूरा सुरक्षा तंत्र बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी हरकत में आ गया। गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट की और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों को हाई अलर्ट जारी किया गया। मुंबई हमले के बाद पहली बार सुरक्षा एजेंसियां पिछले हफ्ते सलाउद्दीन का संदेश पकड़ने में कामयाब रहीं। संदेश की प्रामाणिकता परखने के लिए इस आवाज की प्रयोगशाला में जांच की गई तो यह सलाउद्दीन की ही आवाज निकली। इसमें वह अपने शीर्ष आतंकी कमांडरों को अभूतपूर्व लामबंदी और घुसपैठ के आदेश दे रहा था। इससे पता चला कि सीमा पार मनसेहरा और कोटली शिविरों से प्रशिक्षित 1200 आतंकवादी अब किसी भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हैं। साजिश के मुताबिक, इनमें 750 आतंकवादियों को खासतौर से कश्मीर के गुरेज सेक्टर से मई-जून के महीने में घुसपैठ करनी है। सलाउद्दीन ने अपने कमांडरों को न सिर्फ कश्मीर बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी फिदायीन हमले करने का आदेश दिया है। इनमें मुंबई और दिल्ली के हवाई अड्डों के अलावा परमाणु संयंत्र भी शामिल हैं। आइबी ने पिछले हफ्ते 18 मई को भेजे गए अलर्ट में साफ चेतावनी दी है कि यह सबसे खतरनाक साजिश है। खुफिया सूत्र लश्कर की गतिविधियों में भी अचानक आई तेजी को भी आतंकवादियों की बड़ी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। इस्लामाबाद स्थित भारतीय खुफिया सूत्रों से मिल रही सूचनाएं भी संवेदनशील हैं। इस्लामाबाद में आइएसआइ द्वारा मुहैया कराई गई एक सुरक्षित पनाहगाह में छुपा बैठा सलाउद्दीन अपनी दूसरी पत्नी नूरजहां के साथ गुलाम कश्मीर के मुजफ्फराबाद के कई दौरे कर चुका है। मालूम हो कि ज्यादातर आतंकी शिविर गुलाम कश्मीर से चलाए जा रहे हैं। घाटी में लश्कर के चार आतंकवादी मारे गए श्रीनगर/किश्तवाड़ : सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकियों को मार गिराया। सुरक्षाबलों ने उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में 15 घंटे चली मुठभेड़ में तीन जबकि जम्मू संभाग के डोडा जिला के गुंदना इलाके में एक आतंकी को मार गिराया। इस मुठभेड़ के दौरान जख्मी हालत में आतंकी की एक महबूबा भी पकड़ी गई है। घटनास्थल से आतंकियों के हथियार और दस्तावेज भी मिले हैं.

No comments:

Post a Comment